श्रावस्ती। खेतों में धान की फसल की कटाई के बाद पराली जलाने वाले किसानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने के साथ ही उनसे जुर्माना भी वसूल किया जाएगा। आदेश का अनुपालन कराने के लिए ग्राम स्तर पर लेखपाल, ग्राम सचिव, सफाई कर्मी व चौकीदार सहित क्षेत्रीय पुलिस को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में किसानों से अपील है कि वह पराली न जलाकर उसका निस्तारण करें। वहीं कंबाइन मालिका बिना एसएमएस व फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रों के बगैर फसल की कटाई न करें, वरना उन पर भी कार्रवाई होगी।
यह बातें मंगलवार को जिलाधिकारी टीके शिबु ने किसानों के नाम जारी अपील में कही। डीएम ने कहा कि खेतों में पराली जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर लगेगा। कई बार पराली जलाते पाए जाने पर अर्थदंड के साथ जेल भी भेजा जाएगा। यदि किसी भी गांव में पराली जलाने का मामला प्रकाश में आता है, तो ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि तत्काल तहसील स्तर पर अथवा लेखपाल को सूचित करें। गांव स्तर पर समिति का गठन किया गया है, जो फसल अवशेष जलाये जाने की निगरानी करेगी।
फसल अवशेष जलाये जाने की पुष्टि होने पर कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से अर्थदंड वसूला जाएगा। दो एकड़ से कम फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ पर 5000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक पर 15000 रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। जिले में अब तक 30 किसानों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। ऐसे में किसानों से अपील है कि वह फसल अवशेष को कदापि न जलाये। सभी कंबाइन मालिक बिना एसएमएस एवं फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्रों के बिना फसल की कटाई न करें, अन्यथा उन पर राष्ट्रीय हरित अभिकरण की धारा 24 एवं 26 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।