तुलसीपुर (श्रावस्ती)। जमुनहा के ग्राम चौगोई के मजरा लाल कैंदुआ व कुम्हारनपुरवा में विगत एक सप्ताह से संदिग्ध बुखार का कहर है। इसकी चपेट में आने से लाल कैंदुआ में एक किशोरी की इलाज के दौरान बहराइच में मौत हो गई। करीब तीस अन्य अब भी बीमारी की चपेट में हैं।
इसकी सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम के गांव न पहुंचने के कारण परिवारीजन मरीजों का क्षेत्र के निजी चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। जमुनहा के ग्राम चौगोई के मजरा लाल कैंदुआ में संदिग्ध बुखार का कहर है। इसकी चपेट में आने से खुशबू (12) पुत्री कुंवारे की शनिवार को इलाज के दौरान जिला अस्पताल बहराइच में मौत हो गई।
जबकि सोनिया (45) पत्नी राधेश्याम, मूर्ति देवी (1) पुत्री घुरहे, बृजमोहन (3) पुत्र दुखराम, नेहा (1) पुत्री केशराज की हालत गंभीर बनी हुई है। परिवारीजन सभी का आसपास के चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। इसके बाद भी हालत में सुधार न होने पर परिवारीजनों इन सभी का बहराइच में उपचार करा रहे हैं।
वही गांव के मजरा कुम्हारन पुरवा निवासिनी रीता देवी (19) पुत्री जीवन लाल, कृष्णकुमार (6) पुत्र सहजराम, राम प्रसाद (4) पुत्र सहजराम, बिट्टा देवी (40) पत्नी सहजराम, फूलमती (43) पत्नी नन्हूं, विशम्भर (3) पुत्र बच्छराज, रामउजागर (25) पुत्र गिरधारी, अनिल कुमार (2) पुत्र सीताराम, सजनवा (5) पुत्र जगराम, रामहरख (1) पुत्र रामकुमार, रामविलास (43) पुत्र हरीराम, रामचंदर (47) पुत्री पाटनदीन, अनारकली (34) पत्नी रूपनारान, नीतीश कुमार (3) पुत्र रामचन्दर भी बुखार से पीड़ित हैं।
गांव निवासी मंजू देवी (33) पत्नी सीताराम, दिलीप कुमार (13) पुत्र जंगली प्रसाद, रामगोपाल (48), सावित्री (30) पत्नी अखिलेश, अंशू (1) पुत्र रामसूरत, काजल (2) पुत्री रामकिशोर, रिंकी (4) व पिंकी (2) पुत्री दूजी, आरती (2) पुत्री शिवकुमार, क्रांति (18) पुत्री पालूराम, गोविंद (7) पुत्र अखिलेश, भुसैली (60) पुत्र भोला, मंगला देवी (34) पत्नी मंगलप्रसाद, रामजीवन (48) पुत्र रामउदित, रोहनी (3) पुत्री रामकुमार सहित कई अन्य अब भी संक्रमित बुखार की चपेट में हैं।
इसकी सूचना के बाद भी प्रभावित गांव तक चिकित्सकों की टीम न पहुंचने के कारण परिवारीजन पीड़ितों का इलाज निजी चिकित्सकों से करा रहे हैं। वहीं इस बारे में डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि चौगोई के मजरा लाल कैंदुआ व कुम्हारनपुरवा में लोगों के बीमार होने की सूचना मिली है। प्रभावित गांव में चिकित्सकों की टीम भेज कर पीड़ितों का इलाज कराया जाएगा।