श्रावस्ती/बहराइच। जब पूरा देश डिजिटल हो रहा है तो किसानों को भी भुगतान डिजिटल तरीके से किया जाए। ये मांग भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को अपने बहराइच और श्रावस्ती दौरे के दौरान प्रमुखता से उठाई। किसान नेता ने कहा कि भुगतान के लिए किसान महीनों भटकता है अगर ये प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाए तो बहुत सहूलियत रहेगी।
गिलौला के रतनापुर बाजार में गुरुवार को भाकियू की मंडलीय कार्यशाला हुई। इसमें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कर्ज देने के नाम पर किसानों की जमीन हड़पने की साजिश हो रही है। केसीसी ऋण प्राइवेट कंपनियों से कराए जा रहे है। उन्होंने कहा कि ऋण न दे पाने पर किसानों के खेत व जमीन कंपनियां ले लेंगी। इनका मुख्य मकसद किसानों की जमीन हड़पना है।
एक षड्यंत्र के तहत महिलाओं का समूह बनाकर महिलाओं को कुछ पैसे देकर पार्टियां प्रचार-प्रसार करा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक सही बात पहुंचती है, हो सकता है कि 2024 में सोशल मीडिया भी खत्म हो जाए। उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं से जुड़ने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा। इसके बाद जिलेवार व गांव गांव आयोजन होंगे।
उपराष्ट्रपति की मिमिक्री पर बोले कि उपराष्ट्रपति सभी भारत वासियों के हैं। किसी जाति का मजाक नहीं है। यह जाट की नहीं उपराष्ट्रपति की मिमिक्री हुई है। सभी को संविधान के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए। किसानों को जबरन नैनो यूरिया दिया जा रहा है जिसका भी विरोध किया जाएगा।
यह कंपनियों को प्रमोट करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसे प्रयागराज में होने वाले समीक्षा में तय किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजवीर जदेव, प्रदेश अध्यक्ष राज्यपाल शर्मा, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष गुरवंत सिंह, प्रदेश सचिव गुरप्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।