श्रावस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र भिनगा में प्रवासी किसानों को नवीन कृषि तकनीकि के माध्यम से उन्नति खेती का प्रशिक्षण दिलाया गया। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नति प्रजाति के बीज का चयन कर अतिरिक्त लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही प्रशिक्षण में मौजूद किसानों को उन्नति प्रजाति का बीज भी वितरित किया।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने कहा कि खेती किसानी तो तमाम किसान करते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में किसान उचित बीज, उर्वरक आदि का प्रयोग नहीं कर पाते। इसके चलते उन्हें अक्सर नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों को चाहिए कि वह उन्नति प्रजाति के बीजों का चयन करें।
मिट्टी की जांच कराकर आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक का प्रयोग करें। ज्यादा से ज्यादा प्रयास करें कि वह रासायनिक उर्वरक के स्थान पर वर्मी कंपोस्ट, गोबर अथवा हरी खाद का प्रयोग करें। इससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही अच्छी पैदावार भी होगी। डॉ. उमेश कुमार ने किसानों को बीज शोधन, बायोफर्टीलाइजर का प्रयोग करने तथा बीज को लाइन से बोने की तकनीकि के बारे में बताया।
इस दौरान प्रशिक्षण में मौजूद किसानों को नरेंद्र सब्जी मटर दो, आजाद सब्जी मटर तीन आदि की बोआई करने की सलाह दी गई। इसके साथ ही उसमें खर पतवार व कीट प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। इस मौके पर प्रगतिशील कृषक रामपाल सिंह, सौरभ सिंह तथा रामसमुझ वर्मा ने किसानों से सब्जियों की खेती के बारे में अपना अनुभव साझा किया। इस दौरान किसानों को उन्नति प्रजाति का बीज का वितरण भी किया। इस मौके पर काफी संख्या में प्रवासी किसान मौजूद रहे।