श्रावस्ती। तराई में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है। मानसून की पहली बरसात में ही गुरुवार को जिला पानी से तरबतर हो गया। भोर से शुरू हुई झमाझम बरसात रुक रुक कर दोपहर बाद तक जारी रही। इससे खेत सहित नगर व गांव की गलियां पानी से सराबोर हो गई। भरपूर पानी मिलने से जहां किसानों के चेहरे खिल गए वहीं मार्ग पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं खेतों के जलमग्न होने से किसान धान की रोपाई में जुट गए है। बरसात बाद बदली छाए होने के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है।
जिले में मानसून ने दस्तक दे दी है। पहले दिन ही मेघ झूम कर बरसे। भोर शुरू हुई झमाझम बरसात रुक रुक कर दोपहर बाद तक जारी रही। इस दौरान आसमान पर घने काले बादल व लगातार चल रही पूर्वोत्तर हवा के कारण मौसम का मिजाज नरम बना रहा। मानसून की यह बरसात जिले के सभी हिस्सों में हुई। अपेक्षित बरसात के बाद किसानों ने धान की रोपाई का कार्य तेज कर दिया है। वहीं भिनगा व इकौना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई न होने से जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई।
भिनगा में पुरानी बाजार मोड़ से लेकर खैरीमोड़ तक व ईदगाह तिराहा से लेकर पुराने डाकघर तक, खलवा बाजार, पुरानी बाजार सहित कई अन्य स्थानों पर मुख्य मार्ग पूरी तरह से नाला बन गए। यही हाल भिनगा के बढ़ईटोला, दहाना, लकड़ी मंडी, दहाना बस स्टैंड, कहारन मोहल्ला सहित अन्य स्थानों पर रहा, जहां जलभराव के कारण लोगों का राह चलना दूभर बना हुआ है। ऐसा ही हाल खैरीमोड़, खरगौरा मोड़, तुलसीपुर बाजार, लक्ष्मनपुर, जोखवा, कटरा बाजार, इकौना नगर सहित गांवों का भी रहा। जहां मार्ग पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही हैं।