श्रावस्ती। नया वर्ष 2021 उम्मीदों भरा रहेगा। लोगों को सबसे बड़ी उम्मीद है कि नए वर्ष में कोरोना वैक्सीन उन तक पहुंचेगी। इसके साथ ही कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा व सामरिक विकास के क्षेत्र में भी लोगों को कुछ नया मिलेगा। लोगों को यह भी उम्मीद है कि पर्यटन के क्षेत्र में कुछ नए आयाम गढ़े जाएंगे। एयरपोर्ट से हवाई यात्राएं प्रारंभ होंगी। 2014 से निर्माणाधीन न्यायालय व जेल अपनी उपयोगिता साबित करेंगे। सिंचाई के क्षेत्र में भी राप्ती योजक नहर कुछ नया इतिहास गढ़ेगी। किसान व ग्रामीणों को कई सहूलियतें मिलने से वह खुशहाल होंगे। लोगों को यह भी उम्मीद है कि नए वर्ष में नई पंचायतों के गठन के साथ ही उसमें पारदर्शिता आएगी। अपराध की रोकथाम के लिए कुछ नए थानों का सृजन भी होगा। यदि आम लोगों की माने तो नए वर्ष में जिला नई बुलंदियों को छू सकता है।
सिंचाई परियोजनाओं को लगेगा पंख
नए वर्ष में सिंचाई परियोजनाओं को पंख लगने की उम्मीद है। इस वर्ष सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन राप्ती मुख्य नहर का काम पूरा हो जाएगा। जिले में सरयू मुख्य नहर के किलोमीटर 34.700 से राप्ती लिंक चैनल निकलता है। जिसकी लंबाई 21.400 है। इसके पूरा होते ही राप्ती से 95 क्यूसेक पानी इस नहर में छोड़ा जाना है। इससे बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, महराजगंज होते हुए गोरखपुर तक 3.27 लाख हेक्टेअर भूमि सिंचित हो जाएगी। श्रावस्ती में ही राप्ती मुख्य नहर की लंबाई 45 किलोमीटर है। इससे 8412 हेक्टेअर अतिरिक्त भूमि सिंचित होगी। यही नहीं जिले में स्थिति कुल 206 राजकीय नलकूपों की स्थिति में भी सुधार होगा। इससे भी 15750 हेक्टेअर भूमि सिंचित हो जाएगी।
38 ग्रामों ंमें बन जाएंगे पंचायत भवन
पंचायतों को सशक्त करने के लिए जिले की 38 ग्राम पंचायतों में भवन का निर्माण प्रारंभ हुआ था। यह भवन नए वर्ष में बन कर तैयार हो जाएंगे। इससे पंचायतें सशक्त होंगी। इसी प्रकार नए वर्ष में ही तकनीकि की महत्ता को देखते हुए ग्राम पंचायतों में बनाए गए कामन सर्विस सेंटर भी काम करना शुरू कर देंगे। पहले चरण के तहत नए वर्ष में इस तकनीक का लाभ इकौना के कटरा, सिरसिया, जमुनहा के शिकारी चौड़ा, हरिहरपुररानी के चहलवा को मिलेगा। इससे ग्रामीणों को आय, जाति, निवास के साथ ही खतौनी के लिए तहसील का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
पूर्ण हो जाएंगे सार्वजनिक शौचालय
गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए जिले की 397 पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। यह शौचालय नए वर्ष में बन कर तैयार हो जाएंगे। इससे उम्मीद है कि गांव तो स्वच्छ होगा ही। इसके साथ ही इसकी देखरेख में लगी इतनी ही ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
वन स्टाफ सेंटर पर शुरू होगा काम
महिला के सशक्तिकरण के लिए आने वाला वर्ष भी बेहतर होने की उम्मीद है। महिलाओं को आगे बढ़ाने को बनाए गए अपनी सखी आशा ज्योति केंद्र के लिए वन स्टाफ सेंटर पर कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे महिलाओं को एक ही पटल पर कई सुविधाएं मिलेंगी। इस वन स्टाफ का निर्माण 48.69 लाख की लागत से कराया जा रहा है।
मार्गों के उच्चीकरण की उम्मीद
आने वाले वर्ष में रोड कनेक्टीविटी को लेकर विशेष उम्मीदें हैं। लोगों को विश्वास है कि खरगौरा सेमरी सहित वे मार्ग जो स्टेट हाईवे घोषित हुए हैं, उन्हें नए वर्ष में चौड़ा कर आवागमन को रफ्तार दी जाएगी। इसमें बहराइच जमुनहा सहित कई अन्य सड़क शामिल हैं।
रेलवे लाइन के लिए शुरू होगी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
खलीलाबाद बहराइच वाया भिनगा रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जिले में प्रारंभ होनी है। इस रेलवे लाइन के लिए बहराइच के आठ गांवों में कुल 242.50 एकड़ व श्रावस्ती में 38 गांवों व दो नगरों में 535.50 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जानी है। यह रेल लाइन श्रावस्ती के औरैया टिकई, तुरहनी बलराम, मोहरनिया, चौव्वा पुर पजावा, सोनवा, हुसैनपुर खुरहुरी, गिलौली, अकारा, नेवरिया, फतुहापुर, लखाही खास, खजुहा झुनझुनिया, नरायनपुर, जरकुशहा, पटना खरगौरा, गलकटवा, खैरीकला, पूरेखैरी, भिनगा खास लक्षमनपुर इटवरिया, चकवा, रेहली विशुनपुर, बैरागीजोत, लखाही बेनीनगर, किशुनपुर रामनगर, पिपरहवा, बहादुरपुर, लक्ष्मनपुर गोड़पुरवा, गनेशपुर, सेमरी तरहर, एकघरवा, नारायनजोत, किड़िहौना, मनिकापुर कोडऱी, मझौवा सुमाल, इकौना, इकौना देहात, मोहम्मदपुर राजा, खरगौरा गनेश, राजगढ़ गुलहरिया से होते हुए बलरामपुर में घुघुलपुर गांव से प्रवेश करनी है। इसके लिए उम्मीद है कि नए वर्ष में भू अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ हो सकती है।
बुद्धा काटेज ग्राम में रुकने लगेंगे सैलानी
पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही आम लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए कटरा में बुद्धा काटेज ग्राम बसाया जा रहा है। उम्मीद है कि नए वर्ष में इस काटेज में आने वाले सैलानी रुक सकेंगे। इसके साथ ही सोहेलदेव वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ जंगल सफारी विकसित होकर पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करा सकती है।
दीवानी न्यायालय पूरा नए वर्ष में होगा प्रवेश
वर्ष 2014 - 15 से निर्माणाधीन न्यायालय भवन व अधिकारी कर्मचारी आवास का निर्माण कार्य भी वर्ष गुजरते गुजरते लगभग पूर्ण हो चुका है। अब यहां कुछ ही कार्य अवशेष हैं। उम्मीद है कि नए वर्ष में इस दस कोर्ट भवन में कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे वादकारियों, अधिवक्ताओं व न्यायिक अधिकारियों को सहूलियत होगी।
मंडी बनने से किसानों को होगा फायदा
किसानों के लिए मंडी अभी तक बहराइच थी, लेकिन अब उनकी यह समस्या जल्द ही समाप्त होने वाली है। खरगौरा मोड़ के पास आरक्षित नवीन मंडी स्थल पर निर्माण कार्य नए वर्ष में पूरा हो सकता है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बहराइच का चक्कर नहीं लगाना होगा। इस मंडी में प्रशासनिक भवन, बैंक, कृषक विश्राम ग्रह, अनाज मंडी, दुकान, नीलामी चबूतरा, फल व सब्जी मंडी के लिए चबूतरा, शौचालय, चेकपोस्ट, हैंडपंप, वाटर हैड टैंक, कैंटीन बनाने के लिए बारह करोड़ 52 लाख 23 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है।
कर्मचारियों को भी मिलेगी सुविधा
लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को अब प्रतिदिन बहराइच का चक्कर नहीं लगाना होगा। जिले में ही उनके रहने के लिए आवासों का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। इससे उम्मीद है कि नए वर्ष में 200 से अधिक कर्मचारियों को रहने के लिए भिनगा में ही आवास मिलेगा।
इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट जिले में होगा पूरा
नेपाल के साथ हालिया तनाव और चीन के साथ उसकी बढ़ रही दोस्ती के मद्देनजर इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड प्रोजेक्ट को पूरा करने की पहल तेज कर दी गई है। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए बीते वर्ष 33 करोड़ का बजट भी जारी कर दिया था। इस परियोजना से यूपी के सात जिले पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और महराजगंज जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित हैं, उनको जोड़ा जाना है। गृह मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 600 किमी लंबी सड़क बनाने के लिए 2010 में ही सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। पहले चरण में 233.10 किमी लंबी सड़क तय की गई थी, जिसे कुल 12 चरणों में बनाया जाना है। प्रदेश सरकार ने इनका निर्माण दिसंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। इसमें 169 किमी लंबी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। पीलीभीत में इस सड़क की कुल लंबाई 37 किमी., लखीमपुर खीरी में 125, बहराइच में 108, श्रावस्ती में 71, बलरामपुर में 84, सिद्धार्थनगर में 75 और महराजगंज में 70 किलोमीटर है। वहीं जिले में 48.38 किलोमीटर वन क्षेत्र में भी सड़क बनाने की मंजूरी मिल गई है। इस क्षेत्र का डीपीआर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर भी निकाल दिया है। यह सड़क आगामी वर्ष में बन कर तैयार हो जाएगी।