श्रावस्ती। किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा बुधवार को डीएम ने की। इस दौरान छूटे हुए पात्र किसानों का आवेदन लेने का निर्देश कृषि विभाग को दिया। इसके साथ ही योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने को कहा, ताकि पात्र किसान योजना का लाभ पाने से न छूटने पाएं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ओपी आर्य ने कहा कि खेती किसानी के लिए किसानों को छह हजार रुपये वार्षिक तीन किश्तों में दिये जाने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गयी है। उत्तर प्रदेश में यह योजना लागू हो चुकी है और पात्र किसानों के खातों में किश्त की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
इसके बाद भी जिले में पात्रों की अभी जितनी संख्या होनी चाहिए, वह लक्ष्य विभाग पूरा नहीं कर पा रहा है। ऐसे में उन्होंने उप निदेशक कृषि को निर्देशित किया है कि खाद बीज बिक्री के लाइसेंसधारकों के साथ बैठक करके यह सुनिश्चित करें कि सभी किसानों को योजना की जानकारी हो।
इसके साथ ही किसानों की सुविधा के लिए सभी पात्रों से आवेदन लिए जाएं। जो किसान जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर नहीं आ सकते उनका आवेदन ब्लॉक स्तर पर जमा करा लिया जाए। ग्राम पंचायतों में होने वाली सभी बैठकों में इस योजना से जुड़े लाभ व पात्रता की शर्तों की जानकारी दी जाए।
इस योजना के तहत किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में प्रति वर्ष 6000 रुपये दिए जाने हैं। इसके तहत सभी पात्र किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। योजना के लाभ के लिए किसानों को ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के समय उन्हें खतौनी, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड नंबर देना होगा।
अभिलेखों का सत्यापन लेखपाल की ओर से किया जा सकता है। इस योजना से संबंधित कोई भी जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 011-23381092 पर कॉल किया जा सकता है। अनुसूचित जाति-जनजाति के कृषकों को अपना जाति प्रमाण-पत्र देना होगा। इसके बाद किसानों को अपने पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे-खेत का आकार, भूमि का विवरण देना होगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ऐसे व्यक्तियों को नहीं मिलेगा जो केन्द्र या राज्य सरकार में अधिकारी (मल्टी टास्किंग स्टाफ, चतुर्थ श्रेणी, समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर) हो तथा दस हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को भी इसका लाभ नहीं मिलेगा। इसके अतिरिक्त सांसद, विधायक, मंत्री या फिर मेयर तथा अन्य पेशेवर जैसे डॉक्टर, वकील आदि जिनके पास कृषि योग्य भूमि है और खेती करते हैं, वे भी योजना के लिए अपात्र हैं। इसके साथ ही ऐसे किसान जिन्होंने गत वर्ष आयकर जमा किया है, उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।