अस्पताल आने वाला हर दूसरा व्यक्ति आंख के संक्रमण का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। तराई में आई फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल आने वाला हर दूसरा व्यक्ति आंख के संक्रमण का शिकार दिख रहा है। इसे देखते हुए मोतियाबिंद के ऑपरेशन पर भी रोक लगा दी गई है। चिकित्सक लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित जिले के अन्य सीएचसी व पीएचसी में आईफ्लू के मरीजों की बाढ़ आ गई है। इसका कारण उमस भरी गर्मी के बीच में आए दिन हो रही रिमझिम बरसात बताई जा रही है। अस्पताल में लगातार बढ़ रहे आई फ्लू के मरीजों को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में दवाएं मुहैया कराई गई है। इसके बावजूद मरीजों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। इसे देखते हुए जहां निजी विद्यालयों में शिक्षकों की ओर से सभी छात्रों को चश्मा लगाने की सलाह दी जा रही है।
वहीं परिषदीय विद्यालयों में भी संक्रमित बच्चों को बगैर चश्मा विद्यालय न आने की बात कही जा रही है। जिले में आई फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जुलाई माह के दूसरे पखवाड़े से ही मोतियाबिंद के ऑपरेशन पर रोक लगा दी गई है ताकि आई फ्लू के संक्रमण से बचा जा सके।
स्कूली बच्चों को काला चश्मा लगाने की सलाह दी जा रही है ताकि उनकी आंख पर कोई प्रभाव न पड़े। जो लोग आंख के संक्रमण का शिकार हैं वे बर्फ अथवा फ्रिज के पानी से बार बार आंख को धुलते रहें। आंख को बार बार छूने से बचें। दूसरों के संपर्क से दूर रहे, गंदे हाथ से कोई भी सामान व कपड़ा न छुएं। डा. फणींद्र तिवारी, वरिष्ठ नेत्र सर्जन संयुक्त जिला चिकित्सालय
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