गंध कुटी की परिक्रमा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती सोमवार को श्रीलंका के 74 बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। अनुयायियों ने भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो की अध्यक्षता में गंध कुटी पर दीप पूजा की। इस दौरान भिक्षु ने कहा कि जीवन में पवित्रता रखना धम्म है। जीवन में पूर्णता प्राप्त करना धम्म है। निर्वाण में रहना धम्म है। तृष्णा और लोभ का त्याग धम्म है। इसी तरह से संसार के सभी पदार्थ अनित्य है, कर्म को नैतिक व्यवस्था का साधन मानना धम्म है। उन्होंने कहा कि सिर्फ विद्वान होना पर्याप्त नहीं है, ज्ञान का प्रकाश फैलाना महत्वपूर्ण है। सभा के बाद अनुयायियों ने ओड़ाझार, कौशाम कुटी, सहेट महेट आदि का भ्रमण किया। इस दौरान काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।