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नए फाॅर्मूले पर आरक्षण फिट करने की कवायद शुरू

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श्रावस्ती। पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए अधिकारी व कर्मचारियों का प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुआ। अब 2021 के आरक्षण के लिए फार्मूले पर कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए रोस्टर भी जारी हो चुका है। दो मार्च को अनंतिम सूची तो 15 मार्च को अंतिम सूची निदेशालय को भेजी जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यशाला में उप निदेशक पंचायती राज एसएन सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से डीएम टीके शिबु, सीडीओ ईशान प्रताप सिंह, पंचायत राज अधिकारी किरन सहित समस्त खंड विकास अधिकारी व एडीओ पंचायत को प्रशिक्षित किया। इस दौरान फार्मूले पर आरक्षण का डाटा कैसे फिट किया जाएगा। इसकी बारीकियों को समझाया गया। इस दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत, प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों के लिए कौन-कौन से डेटा जरूरी हैं। और उसका उपयोग कैसे किया जाएगा। यह भी बताया गया। इस प्रशिक्षण के बाद अब जिला स्तरीय आरक्षण निर्धारण कमेटी फार्मूले पर आरक्षण तय करने की कवायद शुरू कर दी है। आरक्षण रोस्टर में दी गई तिथियों के अनुसार ही पूरा किया जाएगा।
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आरक्षण जारी करने का यह है रोस्टर
जिला स्तर पर आरक्षित ग्राम पंचायत प्रधान व ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के आवंटन का 20 फरवरी से एक मार्च तक जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। दो व तीन मार्च को ग्राम पंचायत के आरक्षित प्रधानों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायतों के आरक्षित प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की प्रस्तावित सूची का जिला जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्रकाशन किया जाएगा। चार से आठ मार्च के मध्य प्रस्ताव पर आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। नौ मार्च को आपत्ति यों का जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पर एकत्र किया जाएगा। दस से बारह मार्च के मध्य आपत्तियों का जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से गठित समिति द्वारा परीक्षण व निस्तारण एवं अंतिम रूप से सूची तैयार की जाएगी। 13 व 14 मार्च को जिला मजिस्ट्रेट आरक्षित ग्राम पंचायतों के प्रधान, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। जबकि 15 मार्च को जिला मजिस्ट्रेट आरक्षण की सूचना पंचायत निदेशालय को उपलब्ध कराएंगे।
इन पंचायतों का आज तक नहीं हुआ आरक्षण।
अली नगर, बेलकर, कल्यानपुर, कंजड़वा, माहनीपुर, लवरिया, शिवाजोत, श्रवनतारा, बिशुनपुर, डिकारा, हरिहरपुर, खरखिया, कसियापुर, पुर्खीपुर डिहवा, रामपुर कोडऱी, रतनापुर, बनकटवा, केशवापु, रोहली बिशुनपुर, दोदीपुरवा, लालबोझा, रहमतुगो, सुजानडीह, टिकुहिया, त्र्लिोकपुर, उल्लहवा, अमरहवा, बहादुर, बेचुआ, विशुनपुर रामनगर, गंगापुर, गेहुंआ भारी, हरैया तराई, खैरीतराई, लालपुर अयोध्या ग्राम पंचायतों का आज तक नहीं हुआ आरक्षण।
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अब तक गैर आरक्षित गांव बिगाड़ेंगे रोष्टर
जिले में 34 ऐसी पंचायतें हैं जिनका आरक्षण अब तक नहीं हुआ। संभावना है कि इन्हीं गांवों से आरक्षण व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी। यदि ऐसा हुआ तो आरक्षण का रोस्टर अपने आप ही बदल जाएगा। ऐसे में जहां अभी तक कयास लगाया जा रहा था कि 1995 के आरक्षण की झलक 2021 के आरक्षण में दिखाई देगी। ऐसा नहीं हो पाएगा।
प्रधान के आरक्षित पदों पर सबकी नजर
जिले में कुल 397 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें अनुसूचित जनजाति के लिए तीन, अनुसूचित जाति के लिए 70, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 106, महिला के लिए 70 व सामान्य वर्ग के लिए 148 पंचायतें सुरक्षित हैं। ऐसे में आम लोगों की निगाहें प्रधान पद पर होने वाले आरक्षण को लेकर ही है।
पांच चुनावों के रिकॉर्ड को देख कर होगा आरक्षण
आरक्षण में इस बार कई एंगल देखे जा रहे हैं। इसमें अब तक गैर आरक्षित पंचायतों से लेकर 1995 से लेकर 2015 तक हुए आरक्षण का डाटा खंगाला जा रहा है।
अभी आरक्षण तय करने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण हुआ है। प्रशिक्षण में उपनिदेशक पंचायत ने एक एक बिंदु को उदाहरण के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है। अब शासन की ओर से दिए गए फार्मूले के आधार पर आरक्षण कमेटी तय करेगी। -किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी
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