मल्हीपुर थाने मे धड़ल्ले से जारी है बालू का अवैध खनन।
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जमुनहा (श्रावस्ती)। जिले में प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। इंडोनेपाल सीमा क्षेत्र में पड़ने वाली बूढ़ी राप्ती के कछार अवैध खनन करने वालों के लिए मुफीद साबित हो रहे हैं। इसकी जानकारी के बाद भी न तो राजस्व विभाग की ओर से ध्यान दिया जा रहा है, और न ही स्थानीय पुलिस ही कार्रवाई कर रही है। ऐसे में खनन माफिया न सिर्फ सरकार को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं, बल्कि अवैध खनन कर आसपास के खेतों पर कटान का खतरा भी उत्पन्न कर रहे हैं।
जिले में बालू के खनन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद बालू खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। कहीं राजस्व कर्मियों तो कहीं स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह कार्य लगातार जारी है। खनन माफिया की ओर से सिरसिया थाना क्षेत्र में पड़ने वाले पहाड़ी नालों, भिनगा जंगल के केन नाला सहित राप्ती व बूढ़ी राप्ती के कछार से बालू का खनन कर उसे गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है। डीएम ने कई बार बैठक कर संबंधित क्षेत्र के तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों सहित पुलिस क्षेत्राधिकारियों व थाना प्रभारियों को कड़ाई से खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद दिन रात अवैध खनन जारी है।
ऐसा ही कुछ मल्हीपुर थाना क्षेत्र के सागरगांव में बने बांध के उत्तर बूढ़ी राप्ती के कछार में देखा जा सकता है। जहां दिन रात अवैध बालू खनन हो रहा है। इससे जहां नदी में बाढ़ आने पर चंद दूरी पर स्थित कलकलवा मार्जिनल बांध के कटने का खतरा उत्पन्न हो रहा है। वहीं बेलरी, गंगाभगड़, मुरावन पुरवा, कोदिया गांव आदि स्थानों पर हो रहे खनन से खेतों में कटान का खतरा भी उत्पन्न है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय ने बताया कि चिह्नित स्थानों पर पुलिस व राजस्व विभाग की टीम भेजकर छापा मारा जा रहा है। यदि कोई खनन करते मिला तो उस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।