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अतिक्रमण से मार्ग की पटरियों पर लगता जाम

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सिरसिया (श्रावस्ती)। तराई के बाजारों में स्थानीय दुकानदार पटरियों पर काबिज हैं। अतिक्रमण के कारण यहां अक्सर जाम लगता रहता है। इसके चलते न सिर्फ आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, बल्कि झगड़े भी होते रहते हैं। कभी कभी मारपीट की स्थिति भी उत्पन्न होती रहती है। इसके बावजूद समस्या पर ध्यान नहीं दिए जाने से बाजार की तस्वीर बदसूरत होती जा रही है। इससे क्षेत्र का प्रमुख सिरसिया बाजार भी अछूता नहीं है।
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इंडो नेपाल सीमावर्ती सिरसिया विकास क्षेत्र में तालबघौड़ा, राजपुर मोड़, तेंदुआ रतनपुर, भरथा, गुलरा, चैलाही, चिल्हरिया मोड़, बेचईपुरवा व सिरसिया मुख्य बाजार हैं। जहां तराई सहित नेपाल के गांवों से लोग खरीदारी के लिए आते हैं। मुख्य मार्गों पर बसे इन बाजारों में स्थानीय दुकानदारों ने मार्ग की पटरियों पर कब्जा कर रखा है। इतना ही नहीं यहां जल निकासी के लिए बनी नालियों को भी स्थानीय लोगों ने पाट दिया है।
जिस पर कब्जा हो जाने के कारण सिर्फ मुख्य मार्ग ही अछूते बचे हैं। ऐसे में आमने सामने से आने वाले भारी वाहनों के कारण अक्सर इन बाजरों में जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। कभी कभी लोग अतिक्रमण व जाम के कारण दुर्घटना का शिकार भी होते रहते हैं। इसके बावजूद अतिक्रमण के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
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स्थानीय लोगों की समस्या सिरसिया व ताल बघौड़ा में प्राईवेट बस संचालक भी बढ़ा रहे हैं। जिनके द्वारा मार्ग के किनारे ही बसों को खड़ा किया जाता है। ऐसे में लोगों को आवागमन में असुविधा भी होती है।
पहल तो हुई पर नहीं हटा अतिक्रमण
सिरसिया बाजार में ब्लॉक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुराना अस्पताल, बेलहरी मार्ग, दुर्गा मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, पुरानी बाजार, राजकीय पशु चिकित्सालय के निकट, सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस, इलाहाबाद बैंक के सामने मुख्य मार्ग की पटरियां पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में हैं। इनमें से कई स्थानों पर जहां लोगों ने स्थायी निवास बना रखा है।
वहीं कई स्थानों पर छप्पर व टीन शेड रख दुकानों का संचालन किया जा रहा है। दस वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम के निर्देश के बाद उप जिलाधिकारी भिनगा कलीमुल्ला ने अतिक्रमण हटवाने का प्रयास किया, लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते मामला अधर में लटक गया। तब से समस्या बरकरार है।
एसडीएम को भेज कर इसकी जांच कराई जाएगी। यदि सड़क की पटरियों अथवा सरकारी कार्यालयों के सामने कब्जा है तो उसे हटवाया जाएगा। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी
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