श्रावस्ती। तराई में सोमवार देर रात चली तेज हवा के साथ शुरू हुई बरसात दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। इसके चलते मछरिहिवा व भंगहा फीडर की विद्युत आपूर्ति रात से ही बाधित हो गई। फीडर में ब्रेक डाउन के कारण समूचा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। रुक रुक कर हो रही इस बरसात के कारण विद्युत कर्मियों को आपूर्ति व्यवस्था सुधारने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा दे रहे परीक्षार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विद्युत उपकेंद्र भिनगा का मछरिहिवा व भंगहा फीडर की विद्युत लाइन जंगल व बागों के मध्य से होकर गुजरी है। इनमें से जहां मछरिहवा फीडर के सहारे भिनगा नगर के सिविल लाइंस, अब्दुल कलाम नगर, कृष्णा नगर व केशव पुरम सहित करीब चालीस गांवों को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। वहीं भंगहा फीडर के सहारे राप्ती बैराज व नदी के तट पर बसे गांव सहित ककरदरी जंगल के किनारे बसे रामपुर जब्दी सहित करीब 26 गांवों को आपूर्ति दी जा रही है। देर रात से तेज हवा के साथ हो रही बरसात के कारण विद्युत लाइनों में फाल्ट आ गए। इससे मछरिहवा व भंगहा फीडर का ब्रेक डाउन हो गया।
पावर कॉर्पोरेशन कर्मियों के तमाम प्रयास के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसके चलते क्षेत्र की करीब साढ़े चार लाख आबादी व करीब पंद्रह हजार उपभोक्ता पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे। इसका असर नगर की आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। जहां बार बार हो रही कटौती के कारण उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं रुक रुक कर हो रही इस बरसात के कारण पावर कॉर्पोरेशन कर्मियों को फाल्ट की तलाश कर आपूर्ति सामान्य बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे घरों में लगे विद्युत उपकरण व सेलफोन ठप हैं। इस कारण उपभोक्ता करीब सोलह घंटे बाद भी विद्युत आपूर्ति के लाभ से वंचित हैं। इसका असर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों पर भी पड़ रहा है। इस बारे में अधिशासी अभियंता पावर कॉर्पोरेशन रमाशंकर मौर्य ने बताया कि मछरिहवा क्षेत्र में फाल्ट तलाश कर आपूर्ति बहाल करा दी गई है। शेष क्षेत्रों में भी उम्मीद है कि शाम तक आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।