श्रावस्ती। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पावर कॉर्पोरेशन कर्मी बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कार्य बहिष्कार कर रहे थे। इससे सोमवार से ही जिले की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई। फाल्ट दुरुस्त नहीं होने से करीब 18 वार्ड व 152 गांवों की सात लाख आबादी को बिना बिजली के रहना पड़ा।
मंगलवार देर शाम शासन व समिति के पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया गया। इससे वापस काम पर लौटे बिजली कर्मियों ने देर रात तक जिले में अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल करा दी। जिससे लोगों को भारी राहत मिली।
निजीकरण के विरोध में सोमवार से पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों का चल रहा कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन मंगलवार देर शाम समाप्त हो गया। इसके बाद काम पर लौटे अधिकारियों व कर्मचारियों ने रात 11:30 बजे तक विद्युत उपकेंद्र इकौना, सीताद्वार, कटरा व बंजारनपुरवा (उल्लहवा) की आपूर्ति सामान्य करा दी।
इसके साथ ही भिनगा के मछरिहिवा, लक्ष्मनपुर, सिरसिया व जमुनहा क्षेत्र की आपूर्ति भी बहाल करा दी गई है। इससे भिनगा व इकौना नगर के 18 वार्ड व 152 गांवों की करीब सात लाख की आबादी को राहत मिल गई। जिन क्षेत्रों की आपूर्ति रात में बहाल नहीं हो सकी, उन क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बुधवार सुबह बहाल करा दी गई। वहीं जिन गांवों में ओवर हेड टैंक के सहारे जलापूर्ति की जा रही थी, वहां उत्पन्न पेयजल संकट भी समाप्त हो गया है। जिससे जिलेवासियों ने राहत की सांस लिया।
हड़ताल ने खोली प्रशासन के दावे की पोल
पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए कई दावे किए गए। आपूर्ति बाधित न हो इसके लिए विद्युत उपकेंद्रों पर राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की तैनाती भी की गई। इतना ही नहीं स्वयं एसडीएम व तहसीलदार की ओर से नगर पालिका परिषद भिनगा के बिजली कर्मियों को साथ ले जाकर बाधा रहित आपूर्ति देने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रशासन इसमें असफल रहा।
भिनगा नगर सहित कलेक्ट्रेट, अस्पताल, नवोदय विद्यालय व सेमरी फीडर की आपूर्ति ही सुचारु ढंग से संचालित की गई। शेष क्षेत्रों की आपूर्ति सोमवार देर रात से करीब 24 घंटे तक पूरी तरह से बाधित रही। यही हाल इकौना, सीताद्वार, कटरा, उल्लहवा, सिरसिया व गिलौला क्षेत्र का भी रहा। जहां लोग 24 घंटे तक आपूर्ति के बहाल होने का इंतजार करते रहे।