श्रावस्ती/तुलसीपुर/इकौना। अर्नब तूफान थमने के बाद भी तराई क्षेत्र में बिजली संकट बरकरार है। पोल और तार टूटने से जमुनहा व इकौना तहसील क्षेत्र में पांचवें दिन मंगलवार को भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। पांच दिन से बिजली न आने से इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए हैं और ग्रामीणों को रातें मोमबत्ती के सहारे बितानी पड़ रही हैं। इससे उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
जमुनहा तहसील के उल्लहवा और मल्हीपुर उपकेंद्र से जुड़े 300 से अधिक गांव प्रभावित हैं। विभाग ने सोमवार देर शाम 33 केवी लाइन दुरुस्त कर ली, लेकिन 11 केवी लाइनों की मरम्मत पूरी नहीं हुई। अवर अभियंता विवेक कुमार कुशवाहा ने बताया कि 33 और 11 केवी लाइन में 130 पोल टूटे हैं और 12 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। 11 केवी लाइन में व्यापक नुकसान हुआ है। मरम्मत में करीब दो दिन और लग सकते हैं।
इकौना व गिलौला क्षेत्र में भी अंधेरा
इकौना नगर पंचायत, गिलौला और इकौना विकासखंड के 200 से अधिक गांवों में भी पांचवें दिन बिजली नहीं आई। इकौना देहात, मदारा, कंजड़वा, कैलाशपुर, जयचंदपुर कटघरा, गोपालपुर, नरपतपुर, वीरपुर, परशुरामपुर, मोहम्मदापुर, दंदौली, तिलकपुर, बंतवारा, रामपुर पैड़ा, सुविखा और मंशुखा समेत कई गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पोल गिरने से कई रास्ते बाधित
हरदत्तनगर गिरंट के मजरा हंसापुरवा में बरगद का पेड़ गिरने से सात बिजली पोल टूट गए। एक पोल ट्रांसफार्मर समेत सड़क पर गिरने से आवागमन बाधित है। रामदीनपुरवा में भी तीन पोल टूटे हैं। नानपारा-बदला मार्ग पर मिर्जापुर के पास एक, सुजानडीह के पास दो और बलिदानपुरवा में दो पोल सड़क पर पड़े हैं। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
जमुनहा-बहराइच मार्ग पर शिकारी कंपोजिट विद्यालय के पास क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन।-