श्रावस्ती। गांव में मजबूत लोकतंत्र के लिए गुरुवार हुए मतदान में महिलाओं की भी भागीदारी बढ़चढ़ कर देखी गई। कई बूथों पर महिलाएं घूंघट की ओट में दिखाई दी। जबकि कई बूथों पर महिलाओं का ही दबदबा दिखाई दिया। औसतन सभी बूथों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ चढ़ देखी गई।
गांव में मजबूत लोकतंत्र की स्थापना हो व योग्य व्यक्ति ही चुनकर उनका रहनुमा बने। इसके लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के महापर्व पर महिलाओं की भागीदारी मतदान के दिन गुरुवार को मजबूती से देखने को मिली। थारू जनजाति बाहुल्य गांवों में बनाए गए दोनों बूथों पर महिलाओं का ही दबदबा था। इन बूथों पर लगभग 100-150 महिलाएं कतारबद्ध दिखाई दीं। जबकि गिलौला के मनसुखा सहित जमुनहा, इकौना में बने मतदान केंद्रों में भी महिलाओं का दबदबा रहा। इसी प्रकार जिले के विभिन्न बूथों पर दोपहर तक पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की कतार ज्यादा मजबूत दिखाई दी। यहां घूंघट में आई महिलाएं गोद में बच्चा भी लिए हुए दिखीं।
श्रावस्ती। मतदान के दिन गुरुवार को आम जनजीवन थमा थमा सा रहा। साढ़े छह बजे सुबह से शाम साढ़े चार बजे तक लोग वोट देने के लिए कतार में लगते रहे। शाम छह बजे समय खत्म होने के बाद भी बूथों पर लोग वोट देने के लिए लाइन में लगे रहे।
जिले में गुरुवार का दिन केवल चुनाव के लिए जैसे आरक्षित रहा। कड़ाके की धूप के कारण लोग सुबह सात बजे से ही कतार बद्ध हो गए। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान अधिकांश लोगों ने बिना खाए पिए सभी काम छोड़ पहले मतदान का कार्य किया। चुनाव के कारण जहां पोलिंग बूथों के आसपास चहल पहल देखने को मिली। वहीं इसका असर भिनगा व इकौना नगर में भी देखने को मिला। जहां नगरीय क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा छाया रहा। वहीं इसका असर मुख्य मार्गों पर भी देखने को मिला। मुख्य मार्ग पर पूरे दिन एक दो लोग ही दिखाई दिए।