श्रावस्ती में तेज हवाओं के चलते गिरी सरसों की फसल।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। तराई में मौसम का सितम लोगों पर भारी पड़ने लगा है। गुरुवार की रात में हुई बूंदाबांदी व दिन में बादलों की लुकाछिपी से मौसम का मिजाज ठंडा रहा। इस बीच चल रही तेज पछुआ हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। इससे लोग ठंड से कांपते दिखे। जिले में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री तो अधिकतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जिले में मौसम का मिजाज शुक्रवार को बदला बदला सा नजर आया। गुरुवार रात में तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी ने गलन बढ़ा दी है। दिन में निकली हल्की धूप भी बादलों की लुका छिपी के कारण लोगों को कोई खास राहत नहीं दिला सकी। लगातार चल रही बर्फीली हवा के कारण ठिठुरन बरकरार रही। शुक्रवार को मौसम पल-पल बदलता रहा। कभी धूप तो कभी बदली के साथ लोगों को सर्द हवा का सामना भी करना पड़ा।
विद्यालय खुला होने के कारण बच्चों को ठंड में कांपते हुए जाते देखा गया। वहीं विद्यालय में बच्चे ठंड से परेशान दिखे। अचानक बढ़ी इस ठंड से बचने के लिए जहां लोग खुद को गरम कपड़ों में समेटे नजर आए। वहीं राप्ती के कछार में गांव के लोग पूरे दिन अलाव का सहारा लेने को विवश रहे। तराई में पड़ रही कड़ाके की ठंड के बावजूद न तो प्रशासन की ओर से सभी जगह अलाव की व्यवस्था कराई गई, और न ही सभी गरीबों को कंबल ही प्रदान कराया गया।
वहीं इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि तापमान में उतार चढ़ाव की स्थिति अभी बनी रहेगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सप्ताह भर इसी प्रकार ठंड बनी रहने की संभावना है।