श्रावस्ती। तराई में आए दिन हो रही रिमझिम बरसात व निकलने वाली धूप के कारण जल जनित बीमारियां बढ़ती जा रहीं हैं। अस्पताल आने वाला हर चौथा मरीज पेट अथवा त्वचा संबंधित बीमारी से पीड़ित है। इसके लिए चिकित्सक लोगों को गंदगी से बचने, स्वच्छता अपनाने तथा स्वच्छ जल पीने की सलाह दे रहे हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित जिले के सभी सीएचसी व पीएचसी आने वाला हर चौथा मरीज डायरिया, पेचिश, पीलिया अथवा टाइफाइड से पीड़ित है। इसका कारण चिकित्सक दूषित जल पीना, जल भराव वाले क्षेत्र के आसपास रहना तथा स्वच्छता न अपनाना बता रहे हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. श्याम मिश्र बताते हैं कि आए दिन हो रही बरसात व उसके बाद निकलने वाली धूप के कारण लोग संक्रमित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
डायरिया, पेचिस व टाइफाइड सहित पीलिया जलजनित बीमारी हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह बरसात में भीगने के बाद स्वच्छ जल से स्नान करें। इंडिया मार्का हैंडपंप का ही पानी पिएं। ऐसा न हो सके तो पानी को उबाल कर पिएं अथवा उसमें क्लोरीन की गोली डाल कर पिएं। यदि बीमारी का लक्षण दिखे तो स्वयं से दवा लेकर खाने से परहेज करें। मरीज तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक को दिखाएं। जहां मिलने वाली दवाएं मुफ्त हैं।