तपोस्थली में पूजा करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को महाराष्ट्र से आए अनुयायियों के 50 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने महामंकोल में डिवोटेड लैंड वर्ल्ड पीसफुल सेंटर में उपासक राम टेके के नेतृत्व में थाईलैंड के रीति-रिवाज से मेडिटेशन किया। इस दौरान ऑनलाइन बौद्ध सभा का आयोजन भी किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए बड़ी माता डॉ. वांगकोड सिंधीपाल ने बताया कि अगर आप अंधेरे में डूबे हुए हैं, तो आपको रोशनी की तलाश करनी चाहिए। आप का प्रयास आपको अवश्य ही अंधेरे से बाहर निकालेगा। मनुष्य को अंधविश्वास को अपनी शिक्षा पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
उन्होंने आगे बताया कि कोई भी पुरुष अपने कर्मों से महान बनता है, अपने जन्म से नहीं बनता है। हर दिन एक नया दिन होता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बीता हुआ कल कैसा था। अनुयायियों ने जेतवन परिसर, गंधकुटी, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर उसके इतिहास की भी जानकारी ली।