तपोस्थली स्थित आनंद बोधि पर प्रार्थना करते अनुयायी।
कटरा (श्रावस्ती)। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को अनुयायियों से गुलजार रही। तपोस्थली पहुंचे वियतनाम के 105 सदस्यीय दल ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में आनंद बोधि पर प्रार्थना की।
इस दौरान भिक्षु देवानंद ने कहा कि मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन व मस्तिष्क पर किसी बात का बोझ न डालें। सदैव हल्के रहकर खुशी को व्यक्त करना चाहिए। मन मस्तिष्क को वैभव आदि सीमाओं में न बांधकर अल्पकालिक खुशी से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। नकारात्मक संकल्पों को अपने मन में प्रवेश न करने दें। अपना नजरिया सदैव सकारात्मक रखें, किसी भी असफलता पर निराश न हो बल्कि सफलता प्राप्त करने के लिए दुगना प्रयास करें। मन को हर्षित अवस्था में लाने के लिए ईश्वरीय ज्ञान और योग एक मुख्य साधन है। मनुष्य का योग भी तभी ठीक प्रकार से लगता है जब मनुष्य हर्षित या मुदित अवस्था में हो। इसके बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण कर बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि का उद्घोष किया।