गंध कुटी में फूल पूजा करते श्रीलंका के अनुयायी
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को श्रीलंका के बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक की अध्यक्षता में गंध कुटी में विशेष फूल पूजा की। इस दौरान आयोजित सभा में भिक्षु ने कहा कि जो व्यक्ति दान के योग्य हो उसे ही दान करना चाहिए। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जो नर उत्तम का दान करता है, उसे उत्तम प्राप्ति होती है। जो श्रेष्ठ का दाता होता है, उसे श्रेष्ठ की प्राप्ति होती है। जो नर अग्र, उत्तम तथा श्रेष्ठ वस्तुओं का दान करने वाला होता है, वह जहां भी उत्पन्न होता है, दीर्घायु तथा यशस्वी होता है। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।