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Shravasti News: घरेलू कलह बन गई काल, मिट गया पूरा परिवार

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घटना स्थल पर जुटी भीड़। - फोटो : घटना स्थल पर जुटी भीड़।
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श्रावस्ती। इकौना के मनिहारनपुरवा गांव में हुई हृदय विदारक घटना के बाद से पूरे गांव में मातम का सन्नाटा है। बस कुछ-कुछ देर पर परिजनों की चीत्कार ही इस मातमी सन्नाटे को तोड़ रही है। घटना में मृत हुए तीन मासूमों का शव देख कर हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है कि बच्चों का क्या दोष था। घटना के बाद कुछ लोग पति रोज अली को तो कुछ उसकी पत्नी शहनाज को कोसते नजर आए। दंपती आपसी अनबन की भेंट चढ़े तीन बच्चों के शव देख हर किसी की आंखें नम नजर आईं।
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पिता ने की थी दो शादी, भाई बहनों में तीसरे नंबर पर था रोज अली
अपने हंसते-खेलते पूरे परिवार को मौत के घाट उतारने वाले रोज अली के पिता शमशुल ने दो शादियां की थीं। रोज अली शमशुल की पहली पत्नी खातूना बेगम से तीसरा बेटा था। उसके दो बड़े भाई सहजाद हुसैन व मोहम्मद हुसैन व दो छोटी बहनें बाजबुल और सितारुल हैं। पिता शमशुल ने दूसरी शादी फातिमा बेगम से की, जिनके चार बेटे फैयाज, सुल्तान, अली मोहम्मद, अली हुसैन व दो बेटियां चांदनी और रुबीना हैं। वर्षों पहले शमशुल व उनकी पहली पत्नी खातूना बेगम की मौत हो चुकी है।

खराब है परिवार की माली हालत, सिर्फ दस बिस्वा जमीन व घर
रोज अली के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि रोज अली के पिता शमशुल के पास सिर्फ दस बिस्वा जमीन ही थी। छह कमरे के मकान में शमशुल की दोनों पत्नियों के बच्चे रहते हैं। घर की माली हालत सही न होने से रोज अली अपने दोनों सगे भाइयों, पत्नी व बच्चों के साथ मुंबई में रहकर काम करता था। उसका एक सौतेला भाई फैयाज भी अपने परिवार के साथ मुंबई में रहता है।
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सीताद्वार मेले पर आया था घर, चार दिन बाद थी वापसी
पत्नी व तीन बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद खुद फंदे से लटकने वाला रोज अली पांच दिन पहले सीताद्वार मेला देखने परिवार सहित घर आया था। परिजनों के मुताबिक चार दिन बाद वह सभी के साथ मुंबई लौटने वाला था, लेकिन उससे पहले ही इतनी बड़ी घटना हो गई।
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घटना एक नजर में...
- बृहस्पतिवार रात लगभग 08 बजे रोज अली ग्राम पंचायत टंड़वा महंत के खलीलपुरवा निवासी छोटी बहन बाजबुल के घर से वापस लौटा।
- रात 10 बजे उसकी सौतेली बहन रुबीना के पास सो रही बेटी तबस्सुम को अपने साथ ले गया।
- शुक्रवार सुबह 07 बजे रोज अली का दरवाजा न खुलने पर उसकी सौतेली मां फातिमा दरवाजे को खटखटाया।
- सुबह 7:15 बजे अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर फातिमा ने बेटी रुबीना को खिड़की से अंदर देखने को कहा।
- सुबह 7:30 बजे परिजनों की मदद से पड़ोसी इंसाद अली ने दरवाजा तोड़ा और सभी अंदर दाखिल हुए।
- सुबह 08 बजे घटना की जानकारी होने पर प्रधान विजय मौर्य ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
- सुबह 8:30 बजे तक इकौना थाना प्रभारी, फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी।
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