जेसीबी से जंगल में हो रहा मनरेगा का काम।
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मल्हीपुर (श्रावस्ती)। वनाधिकारियों की उदासीनता के चलते एक तरफ जहां जिले के जंगल वीरान हो रहे हैं, वहीं नियमों को दर किनार कर वन कर्मियों की ओर से जंगल में मजदूरों के बजाए मशीनों से काम कराया जा रहा है। मनरेगा योजना से होने वाले कामों में भी जेसीबी से कार्य कराया जा रहा है।
मजदूरों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराकर उनका पलायन रोकने के लिए मनरेगा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत गांव के विकास कार्यों के साथ ही कई अन्य विभागों के कार्य भी मनरेगा के श्रमिकों से कराने का नियम है। इसमें वन विभाग भी शामिल है। जहां फायर लाइन बनाने, खाई खोदने, तालाब खोदवाने, पेड़ों के लिए गड्ढे खोदने आदि कार्यों के लिए मनरेगा श्रमिकों का सहयोग लेने का नियम तय किया गया है।
वहीं इसके विपरीत हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र में छोटे जीवों को जंगल से बाहर निकलने से रोकने व अवैध कटान की लकड़ी वाहनों से लेकर जाने से रोकने के लिए खाई खोदी जा रही है। इस कार्य में वन विभाग की ओर से जेसीबी का सहारा लिया जा रहा है। इसके माध्यम से अवसान कुंडी बीट के कंपार्टमेंट नंबर एक, दो व तीन में खोदाई कराई जा चुकी है। मौजूदा समय वन विभाग की ओर से इसी वन क्षेत्र के सुजानडीह बीट के कंपार्टमेंट संख्या चार में जेसीबी लगाकर खाई खोदवाई जा रही है।
विभाग के इस कार्य से आसपास के गांवों के मनरेगा श्रमिकों में नाराजगी है। श्रमिकों का कहना है कि विभाग की ओर से स्थानीय मजदूर से काम न लेकर जेसीबी का सहारा लिया जा रहा है। ऐसे में उन्हें रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है। यदि इस पर तत्काल रोक न लगी और श्रमिकों को काम न देकर जेसीबी का प्रयोग किया गया तो मजदूर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करेंगे। वहीं इस बारे में प्रभागीय वनाधिकारी एपी यादव ने ऐसी किसी भी जानकारी से इंकार करते हुए जांच कराने की बात कही है।