श्रावस्ती। मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की आम सभा ने सात फरवरी को लिए गए अपने ही फैसले को बुधवार को पूर्ण बहुमत से रद्द कर दिया। अधिवक्ताओं ने जिला सत्र न्यायाधीश न्यायालय का 15 फरवरी तक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया था। अब अधिवक्ता गुरुवार से सभी न्यायालयों पर कार्य करेंगे। वहीं जिन अधिवक्ताओं ने बहिष्कार के दिन कार्य किया था, उन्हें चिह्नित करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके बाद उनसे स्पष्टीकरण लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।
मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की आम सभा में सात फरवरी को प्रभारी अध्यक्ष की अध्यक्षता में जिला सत्र न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लिया गया था। इसके बाद अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया था। अधिवक्ताओं में अधिकांश लोग इस बहिष्कार के विरोध में उतर आए थे। आठ फरवरी को लोक अदालत होने पर 111 अधिवक्ताओं ने अपने हस्ताक्षर करते हुए मॉडल डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को एक पत्र लिख कर सात फरवरी को सदन में लिए गए निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की थी।
इसी के बाद अध्यक्ष ने आमसभा की बैठक बुलाने का निर्देश दिया। इस पर मंगलवार को आम सभा की बैठक बुलाई गई। इसमें अधिकांश अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के बहिष्कार के निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। इस दौरान सदन में कई बार हंगामा भी हुआ। देर शाम तक सदन चलने के बाद भी कोई निर्णय न होने के कारण बुधवार को भी सदन चला। जहां शाम को आम सभा ने बहुमत से निर्णय लिया की जिला एवं सत्र न्यायालय के बहिष्कार को रद्द किया जाए।
इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया की जिन अधिवक्ताओं ने बहिष्कार के दौरान कार्य किया है उनको चिह्नित कर नोटिस जारी किया जाए। जवाब मिलने पर अन्य कार्रवाई की जाए। बैठक के दौरान अध्यक्ष दिनेश शुक्ल, महामंत्री अवधेश कुमार, पूर्व डीजीसी दिनेश कुमार, राम चंद्र वर्मा, ओम नारायण मिश्र, सुरेश चंद्र तिवारी, अशोक सिंह, आलोक सिंह, अशोक पाठक, अशोक शर्मा, उमाकंात त्रिपाठी, दिनेश पाठक, अरुण मिश्र, राम समुझ चौधरी, लाल साहब शुक्ल, ओम प्रकाश शुक्ल, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, विनोद श्रीवास्तव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।