बच्चों की शिक्षा को लेकर मेरे पति बहुत फिक्रमंद थे। उनका सपना था कि तीनों बच्चे पढ़-लिखकर अफसर बनें। बच्चों को वह दिल्ली में उच्च शिक्षा दिलाना चाहते थे। उन्होंने बेटे हिमांशु का दाखिला भी वहीं के एक स्कूल में करवा दिया था, लेकिन अपना सपना अधूरा छोड़ कर चले गए। अब बच्चों का पालन-पोषण और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। बिलखते हुए ये बातें दिल्ली बम धमाके में जान गंवाने वाले दिनेश मिश्रा की पत्नी रीना देवी ने बताईं।
पोस्टमार्टम होने के बाद दिनेश मिश्रा का शव परिजनों को सौंप दिया गया था। परिजनों के मुताबिक सुबह लगभग 11 बजे शव दिया गया, एंबुलेंस से शव लेकर घर के लिए निकल लिए हैं। रात तक गांव पहुंचने की उम्मीद है।
मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि दिनेश तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उन्होंने बताया कि उनकी माली हालत ठीक नहीं है। जिसके चलते उनके तीनों बेटे दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। उनका बड़ा बेटा दद्दू मिश्रा कपड़े की दुकान पर, मृतक दिनेश मिश्रा प्रिंटिंग प्रेस की दुकान पर और छोटा बेटा गुड्डू इम्पोर्ट कॉप्लेम्स में काम करता है।
सोमवार को टीवी पर बम विस्फोट की खबर देखने के बाद उन्होंने दिनेश को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। उन्होंने गुड्डू व दद्दू को फोन कर दिनेश का पता लगाने के लिए कहा। इस दौरान देर रात दिनेश के बम विस्फोट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत की सूचना मिली। सूचना के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया।
पिता भूरे मिश्रा ने बिलखते हुए बताया कि दिनेश की शादी लगभग 10 साल पहले रीना देवी के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे बेटा हिमांशु (8), बेटी बिट्टा (7) और सृष्टि (4) हैं। दिनेश की मौत की सूचना के बाद से बच्चों की रो-रोकर हालत खराब है।
दिल्ली बम विस्फोट में दिनेश मिश्रा के मौत की सूचना पर डीएम अश्विनी कुमार पांडेय ने एसडीएम इकौना पीयूष जायसवाल को दिनेश के घर भेजा। एसडीएम ने मृतक दिनेश के पिता भूरे मिश्रा से डीएम की बात करवाई। इस दौरान डीएम ने मृतक के पिता से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।