श्रावस्ती। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़ो जिला संपर्क मार्ग भी गड्ढे से मुक्त नहीं हो पाए हैं। यही नहीं यह गड्ढे स्टेट हाइवे पर भी हैं।
हाल ही में जिले के अधिकारियों को सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए निर्देश दिए गए थे। कहा गया था कि यदि निर्धारित समय में सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हुईं तो अधिशासी अभियंता को निलंबित किया जाएगा। यही नहीं डीएम से गड्ढा मुक्त सड़कों की जांच जिले स्तर पर कमेटी गठित कर कराने को कहा गया था। वहीं अब अधिकारियों को दिया गया समय समाप्त हो गया है। इसके बाद भी जिले की सड़कों की स्थिति जर्जर बनी है। स्टेट हाइवे, जिला संपर्क मार्ग व ग्रामीण क्षेत्र के मार्गों में गड्ढा है या फिर गड्ढे में सड़क यह कहना मुश्किल है। कुछ सड़क तो ऐसी हैं, जहां पैदल चलना जोखिम भरा है।
दहाना से पानी टंकी मार्ग
भिनगा नगर में दहाना से लेकर लक्ष्मनपुर बाजार की ओर जाने वाली सड़क का हाल ठीक नहीं है। जैसे जैसे लक्ष्मनपुर बाजार की ओर बढ़ते जाएंगे, वैसे वैसे सड़क जर्जर स्थिति में मिलती जाएगी। नगर में दहाना व पानी टंकी के पास सड़क गड्ढा मुक्ति का इंतजार कर रही है। इस पर गिट्टी डालना तो दूर किसी ने एक टोकरी मिट्टी तक नहीं डलवाया। इस मार्ग पर भिनगा कोतवाली, पशु पालन विभाग के कई कार्यालय होने से अधिकारियों का आना जाना दिन भर बना रहता है।
ककरदरी अब्दुल्लागंज मार्ग
ककरदरी अब्दुल्लागंज मार्ग में अमरहवा से वाया रतैहिया होते हुए परसोहना तक 3 किलोमीटर 300 मीटर तक सड़क पर लेपन कार्य किया गया था। गुणवत्ता विहीन काम होने के कारण सड़क का लेपन तीसरे दिन ही मलबे के रूप में बदल गया। अब सड़क एक बार फिर से गड्ढों की भरमार हो गई है। इससे लोगों का राह चलना परेशानी भरा हो गया है।
खैरी मोड़ से गांव तक संपर्क मार्ग
खैरी मोड़ से खैरी गांव संपर्क मार्ग पर एक दो नहीं बल्कि जगह जगह पर गड्ढे बने हैं। जिसके चलते यहां लोगों को रात में चलना मुश्किल है। यही हाल खरगौरा सेमरी संपर्क मार्ग, भिनगा सेमरी संपर्क मार्ग, खरगौरा सेमरी भवनियापुर संपर्क मार्ग का है। जहां लोगों का चलना मुश्किल भरा है। जिले में ऐसी ही कई सड़के हैं जो गड्ढा मुक्ति का इंतजार कर रही हैं।
जांच के लिए गठित होगी कमेटी
सड़कों की जांच के लिए अब कमेटी गठित की जाएगी। जिले की जो सड़कें गड्ढा मुक्ति नहीं हो पाई हैं, उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। वहीं से निर्धारित किया जाएगा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हो। - योगानंद पांडेय, एडीएम