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चुनाव में कोटे से सवा लाख लीटर ज्यादा बिकी देशी शराब

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श्रावस्ती। पंचायत चुनाव के दौरान वोटरों को रिझाने के लिए कोटे से एक लाख 19 हजार 716 लीटर अतिरिक्त शराब की खपत हो गई। यही नहीं प्रत्याशियों ने वोटरों को रिझाने में अंग्रेजी शराब के साथ बीयर का भी सहारा लिया। जिसके चलते चुनाव के दौरान अंग्रेजी शराब 180 प्रतिशत तो बीयर 379 प्रतिशत ज्यादा बिकी। इससे चुनाव में जिले के आबकारी विभाग को छह करोड़ 54 लाख रुपये का अतिरिक्त फायदा हुआ है।
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पंचायत चुनाव में वोटरों को रिझाने के लिए भले ही शराब के वितरण पर रोक हो। लेकिन आबकारी विभाग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पंचायत चुनाव के दौरान जिले की सभी गांवों में शराब की नदियां बह गईं। यही कारण रहा कि अप्रैल माह में हुए चुनाव में देशी शराब लक्ष्य से 121 प्रतिशत ज्यादा बिकी। यदि इसकी तुलना लीटर में की जाए तो जिले में एक लाख 19 हजार 716 लीटर देशी शराब, 21 मार्च से 21 अप्रैल के बीच बेची गई। यह आंकड़ा इधर कई वर्षों में कभी भी नहीं देखा गया। यही नहीं प्रत्याशियों ने वोटरों को खुश करने के लिए अंग्रेजी शराब व बीयर का जमकर इस्तेमाल किया। चुनाव के दौरान अंग्रेजी शराब 180 प्रतिशत सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा बिकी। 180 प्रतिशत यानी 49314 बोतल व बीयर 379 प्रतिशत यानी कि दो लाख सात हजार 64 केन अतिरिक्त बिकी। इस आंकड़ों के अनुसार केवल एक माह में ही आबकारी विभाग को जिले में छह करोड़ 54 लाख रुपये का फायदा हुआ।
बीयर व देशी शराब की बिक्री के आंकड़े चौंकाने वाले
चुनाव के दौरान सरकार के सारे नियम धरे के धरे रह गए। इस दौरान रोक के बावजूद बीयर की बिक्री में ज्यादा उछाल दर्ज किया गया। अब तक ऐसा कोई भी माह नहीं रहा है जिस माह में जिले के अंदर इतनी बीयर की खपत हुई हो। दूसरे स्थान पर देशी
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शराब रही। जहां कोटे से अधिक की बिक्री हुई है। यह सब तब हुआ जब लॉकडाउन सहित अन्य कारणों से शराब की दुकानों को निर्धारित समय तक ही खोलने की अनुमति थी।
रिकॉर्डतोड़ हुई शराब की बिक्री
पंचायत चुनाव यानी कि 21 मार्च से 21 अप्रैल तक जिले में रिकॉर्डतोड़ शराब की बिक्री हुई है। देशी शराब की बिक्री में 121, अंग्रेजी में 180 व बियर में 379 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे विभाग को छह करोड़ 54 लाख के राजस्व का फायदा हुआ है।
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-पीके गिरी, जिला आबकारी अधिकारी
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