श्रावस्ती। जिले में कोरोना वायरस ने अपनी दस्तक दर्ज करा दी है। जिले में तीन लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बावजूद न तो लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं, और न ही घर से बाहर निकलते समय मास्क का ही प्रयोग करते देखे जा रहे हैं।
इतना ही नहीं ट्रैक्टर पर पांच तो दो पहिया वाहनों पर तीन-तीन लोग बैठ कर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसा दूर दराज क्षेत्र में ही नहीं बल्कि मुख्यालय पर ही दिख रहा है। पुलिस की मौजूदगी में इन नियमों को तोड़ा जा रहा है।
जिन पर कार्रवाई करना तो दूर पुलिस उन्हें टोकना भी मुनासिब नहीं समझ रही है। ऐसा नजारा जिले के सभी प्रमुख बाजारों, कस्बों सहित गांव व गलियों में कभी भी देखा जा सकता है।
देश में संपूर्ण लॉकडाउन के साथ ही यह आदेश जारी हुआ था कि दो पहिया वाहन पर चालक के अतिरिक्त किसी को बैठाना प्रतिबंधित होगा। वहीं चौपहिया वाहनों पर दो से अधिक लोगों को बैठाना प्रतिबंधित है।
जिले में इन मानकों का अनुपालन नहीं हो रहा है। चाहे ग्रामीण क्षेत्र हों अथवा नगर, लोग बेखौफ हो नियम को अंगूठा दिखा रहे हैं। सभी मार्गों पर लोग दो पहिया वाहनों पर दो से तीन सवारी बैठा कर आ जा रहे हैं।
इतना ही नहीं चौपहिया वाहनों पर चार से अधिक तो ट्रैक्टर पर कई कई लोग बैठ कर आते जाते देखे जा रहे हैं। ऐसा किसी दूर दराज क्षेत्र में नहीं बल्कि मुख्यालय भिनगा में ही देखा जा सकता है।
जहां चौक चौराहों पर तैनात पुलिस की मौजूदगी में लोग नियमों को तोड़ रहे हैं। अब जब जिले में भी कोरोना के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है तो ऐसे में लोगों की यह लापरवाही घातक साबित हो सकती है।
वैश्विक महामारी कोरोना का कोई भी कारगर इलाज अब तक सामने नहीं आया है। इससे बचने का एक मात्र इलाज सोशल डिस्टेंसिंग व एहतियात ही है। इसके लिए जिला प्रशासन गांव गांव जाकर लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने, बिना मास्क व मुंह पर गमछा बांधे घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहा है।
इसके बावजूद लोग प्रशासन की इस चेतावनी को नजर अंदाज कर रहे हैं। एक साथ बिना मास्क लगाए झुंड में बैठ कर लोग न सिर्फ लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बल्कि स्वयं व खुद के परिवार की जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। कुछ ऐसे ही नजारा रोज भिनगा, इकौना समेत पूरे जिले में दिखाई देता है।