श्रावस्ती। सेवा प्रदाता द्वारा रखे गए संविदा वार्ड बॉय ने इमरजेंसी की जीवनरक्षक दवा मरीज के हाथों बेच दी। पूरा पैसा न मिलने पर वार्ड बॉय ने मरीज को अपशब्द भी कहे। मरीज द्वारा इसकी शिकायत करने पर एडीएम ने मौके का निरीक्षण कर सीएमएस को कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं, सीएमएस ने नियोक्ता कंपनी को उक्त वार्ड बॉय को हटाने के लिए नोटिस जारी किया है।
सिरसिया के तेंदुआ रतनपुर गांव निवासी श्रीराम यादव का कुछ दिन पूर्व एक्सीडेंट हो गया था। इसमें उनका दाहिना हाथ कई जगह से टूट गया था। बहराइच में हाथ का ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद जब हाथ ठीक नहीं हुआ तो बहराइच से उसे लखनऊ स्थित राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। मगर उसके पास पैसा न होने के कारण वह इलाज के लिए वहां नहीं जा सका।
इस बीच श्रीराम के हाथ का जख्म तकलीफदेह होता जा रहा था। इस पर श्रीराम सोमवार को संयुक्त जिला अस्पताल स्थित इमरजेंसी यूनिट में गया था। जहां उसे गेट पर ही सेवा प्रदाता द्वारा रखे गए वार्ड बॉय आज्ञाराम से मुलाकात हो गई। आज्ञाराम ने बताया कि घाव भरने के लिए इमरजेंसी में इंजेक्शन उपलब्ध है। इसकी कीमत 300 रुपये प्रति पीस है मगर वो 500 रुपये में उसे तीन डोज दे देगा।
इस पर श्रीराम ने वार्ड बॉय से तीन इंजेक्शन लेकर उसे 450 रुपये दे दिए। श्रीराम के पास शेष 50 रुपये नहीं थे। इसको लेकर वार्ड बॉय ने उसे अपशब्द कहते हुए फटकारना शुरू कर दिया। सरकारी दवा के एवज में पैसा देने पर भी बेइज्जत किये जाने से क्षुब्ध श्रीराम ने डीएम को फोन करके मामले की शिकायत की।
इस पर डीएम ने एडीएम योगानंद पांडेय को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। एडीएम के संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचने पर श्रीराम ने उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर एडीएम ने सीएमएस विजय कुमार को मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सीएमएस का कहना है कि वार्ड बॉय द्वारा सरकारी दवा मरीज को बेचने की जानकारी मिली। मामले की जांच की जा रही है। सेवा प्रदाता कंपनी अवनीपरी को नोटिस भेजा जा रहा है कि वह तत्काल वार्ड बॉय आज्ञाराम को हटा लें। वहीं, एडीएम योगानंद पांडेय का कहना है कि पीड़ित की शिकायत मिली थी। जिसके निस्तारण का सीएमएस को निर्देश दिया गया है।