श्रावस्ती। जिले में संचारी रोग नियंत्रण माह एक अप्रैल से कागजों में ही संचालित हो रहा है। कि जिलेवासी गंदगी के बीच रहकर दूषित जल पी रहे हैं। संचारी रोग से ग्रसित हो अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदारों को भी गंदगी के बीच दूषित जल पीना पड़ रहा है। अस्पताल में कहीं खराब आरओ तो कहीं खराब नल लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। परिसर की बदहाल सफाई व्यवस्था रोग को आमंत्रण दे रही है।
दूषित जल का सेवन व गंदगी सौ बीमारियों की जननी है। इसके प्रति जागरूक करने वाला स्वास्थ्य विभाग स्वयं कितना महत्व देता है। यह जिले में किसी से छिपा नहीं है। चाहे संयुक्त जिला चिकित्सालय हो, सीएचसी या फिर पीएससी। सभी जगह सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल है। एक तरफ जहां अस्पताल परिसर की सफाई नहीं की जा रही है। वहीं, दूसरी तरफ अस्पताल का कूड़ा व मेडिकल कचरा वार्ड के पीछे व सामने ही फेंका जा रहा है। अस्पताल में लगे ज्यादातर हैंडपंप या तो खराब हैं या फिर उनसे दूषित जल निकल रहा है।
गर्मी में लोगों का हलक तर करने के लिए अस्पताल में स्थापित आरओ भी या तो खराब हैं या किन्हीं कारणों से बंद पड़े हैं। जिनकी मरम्मत न कराए जाने के कारण लोग गंदगी के बीच लगे हैंडपंपों का दूषित जल पीने को विवश हैं। ऐसा ही कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवा में देखने को मिला। जहां वार्ड के सामने ही कूड़ा फेंका गया था। यहां आरओ परिसर के पीछे लगाया गया है। जहां जाने का रास्ता बंद होने से लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यही हाल सीएचसी मल्हीपुर का भी है जहां आरओ खराब होने के कारण लोग गंदगी में लगे हैंडपंप का पानी पीने को विवश हैं। हैंडपंप के पास ही कचरा फेंका जा रहा है। इस बारे में सीएमओ डॉ. एसपी तिवारी का कहना है कि जानकारी हुई है जांच कराई जाएगी।