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जिन घरों में शौचालय नहीं उन परिवारों के लिए बनेगा सामुदायिक शौचालय

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श्रावस्ती। जिन ग्राम पंचायतों में अभी तक सभी घर में शौचालय नहीं बने हैं वहां पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। पहले चक्र में 168 पंचायतों में शौचालय निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। इस अभियान के तहत 38 पंचायतों में छह सीटर व 130 पंचायतों में चार सीटर शौचालय का निर्माण होगा। शौचालय निर्माण कराने का दूसरा उद्देश्य कोरोना काल में घर लौटे प्रवासियों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना है।
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत घर घर में शौचालय का निर्माण कराया गया है। इसके बाद भी कुछ घर शौचालय निर्माण से अभी तक अछूते हैं। ऐसे घरों में रहने वाले परिवारों के लिए अब गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इसके लिए गांवों से जमीन का प्रस्ताव मांगा गया था। प्रथम चरण में 168 पंचायतों ने शौचालय निर्माण के लिए भूमि का प्रस्ताव भेज दिया था।
जिन्हें शौचालय निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से 38 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां छह सीटर शौचालय का निर्माण होगा। जबकि 130 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां चार सीटर शौचालय का निर्माण कार्य प्रारंभ होने वाला है। इस शौचालय निर्माण का उद्देश्य गांवों में छूटे परिवारों को शौचालय उपलब्ध कराने के साथ साथ गांवों में लॉकडाउन के दौरान लौटे प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
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दस करोड़ 26 लाख रुपये होंगे खर्च
शौचालय निर्माण के लिए दो ड्राइंग शासन की ओर से स्वीकृत की गई है। इसमें छह सीटर शौचालय पर सात लाख पचास हजार रुपये खर्च होगा। चार सीटर पर पांच लाख 70 हजार रुपये खर्च किया जाएगा। ऐसे में देखा जाए तो प्रथम चक्र में ही शौचालय निर्माण पर दस करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किया जाएगा। इसमें से दो करोड़ 85 लाख रुपये का व्यय छह सीटर तो चार सीटर पर सात करोड़ 41 लाख रुपये खर्च होगा। शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को मिले राज्य वित्त आयोग की राशि से सामान की खरीद होगी। जबकि श्रम का पैसा मनरेगा योजना से दिया जाएगा।
इन व्यवस्थाओं पर होगा फोकस
सामुदायिक शौचालय में बच्चों व निशक्तों की सुविधा के लिए सीट, स्नानागार, हाथ धोने का स्थान के साथ शौचालय में विद्युत व्यवस्था, जल भंडारण के लिए ओवर हेड टैंक, बोरिंग हैंडपंप की व्यवस्था होगी।
पंचायत करेगी देखभाल
सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए ग्राम पंचायत व प्रधान तो जिम्मेदार होंगे ही, साथ ही सामुदायिक निगरानी समिति भी इस पर निगाह रखेगी। प्रत्येक समिति में तीन से लेकर पांच सदस्य होंगे। इसमें से एक महिला सदस्य अनिवार्य होगी।
सामुदायिक शौचालय का निर्माण सभी ग्राम पंचायतों में होगा। ग्राम पंचायतों को भूमि का चयन करके प्रस्ताव देने को कहा गया था। अब तक 168 पंचायतों में भूमि उपलब्ध करा दी थी। जहां कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। अन्य ग्राम पंचायतें प्रस्ताव भेज रही हैं। जिनका सत्यापन कराने के साथ ही स्वीकृति प्रदान की जा रही है। - किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी
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