श्रावस्ती। भिनगा व इकौना नगर सहित गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया गया संचारी रोग नियंत्रण माह व दस्तक अभियान भी आज औपचारिकता में ही निपट गया। वहीं गंदगी के बीच रह रहे ग्रामीण विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोगों से जूझ रहे हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय हो या सीएचसी अथवा पीएचसी, यहां आने वाले साठ फीसदी से अधिक मरीज संक्रामक रोग के शिकार हैं। आंख, कान अथवा गले का संक्रमण हो या फिर उल्टी, दस्त, डायरिया व वायरल फीवर सहित अन्य संक्रामक बीमारी। इन सभी बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विभाग गंदगी को जिम्मेदार बताते हुए लोगों से स्वच्छता अपनाने की अपील करता रहा। वहीं लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए जुलाई माह में संचारी रोग नियंत्रण माह व दस्तक अभियान भी चलाया गया। यह अभियान सिर्फ कागजों में ही संचालित हुआ। जबकि हकीकत एकदम विपरीत रही।
बात भिनगा नगर की हो या इकौना की। या फिर तहसील व ब्लॉक मुख्यालय सहित जिले के प्रमुख कस्बे बाजार व गांव की। सभी जगह सफाई व्यवस्था बदहाल रही। बीच-बीच में होने वाली बरसात से जहां लोग कीचड़ व जलभराव की समस्या से जूझते रहे। वहीं लोगों की लगातार शिकायतों के बाद भी गांव में स्वच्छता अभियान नहीं चला। सफाई व्यवस्था का सच बताने के लिए भिनगा नगर से सटे भंवरा पर जाने वाले मार्ग के साथ ही लक्ष्मणपुर चकवा की यह तस्वीर ही पर्याप्त है। जहां जल निकासी की व्यवस्था न होने से ग्रामीण पूरे वर्ष गंदगी के बीच रहने को विवश हैं।