दक्षिणी बलिदानपुरवा में गंदगी से पटी नाली। - संवाद
गिरंट बाजार। जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से एक से 31 जुलाई तक संचालित संचारी रोग नियंत्रण अभियान सिर्फ कागजों में सिमटा नजर आ रहा है। शनिवार को जमुनहा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की पड़ताल में इसकी बानगी उजागर हुई। जमीनी तौर पर न तो अभियान के तहत कराए जा रहे काम नजर आ रहे हैं और न ही गांवों में सफाई ही दिख रही है। सड़क से लेकर नालियों तक गंदगी की भरमार है। अधिकांश जगह क्षेत्रीय लोग जलभराव की समस्या से भी जूझ रहे हैं।
बदहाली झेल रहे हरदत्तनगर गिरंट के ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश दिखा। दक्षिणी बलिदानपुरवा निवासी बीरेंद्र यादव ने बताया कि गांव में पक्की नाली तो बनी है, लेकिन उसकी सफाई कभी नहीं कराई जाती है। ऐसे में धीरे-धीरे नाली अपना अस्तित्व खोती जा रही है। वहीं, गंदगी से उठती दुर्गंध लोगों का जीना मुहाल कर रही है।
ग्रामीण पी गुप्ता ने बताया कि गांव के सड़क व नाली की सफाई के लिए कई बार प्रधान से कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई स्थानों पर जलभराव रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। गिरंट बाजार निवासी आसी अली ने बताया कि सड़क की मरम्मत व नाली निर्माण के लिए कई बार शिकायत की गई। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सड़क पर जलभराव से परेशानी
ग्राम पंचायत हरदत्त नगर गिरंट के मजरा दक्षिणी बलिदान पुरवा में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति से लोग परेशान दिखे। सड़क किनारे बनी नालियां कूड़े से पटी हैं। सफाई कार्य न होने से जगह-जगह जलभराव के कारण मच्छर पनप रहे हैं। ऐसे में लोगों को गंदगी के बीच से ही होकर आना-जाना पड़ रहा है।
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सड़क व नाली दोनों बदहाल
बदला-नानपारा मार्ग से हरदत्त नगर गिरंट थाना होते हुए रेंज कार्यालय जाने वाले मार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व साधन सहकारी समिति स्थित है। इस सड़क पर न तो नाली का निर्माण कराया गया है न ही सड़क बनवाई गई है। ऐसे में हल्की बारिश होने पर भी जलभराव की स्थिति से लोगों को जूझना पड़ता है। लगातार शिकायत के बाद भी जिम्मेदार समस्या के समाधान को लेकर उदासीन बने हैं।