श्रावस्ती। जिले में ई रिक्शा संचालकों सहित डग्गामार वाहन चालकों को न तो पुलिस व परिवहन विभाग का खौफ है, और न ही लोगों की जिंदगी की परवाह। वाहन चालकों की ओर से क्षमता से अधिक सवारियां बैठा कर आवागमन किया जा रहा है।
जरा सी चूक से सड़क हादसे में कई लोगों की जान भी जा सकती है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से वाहन चालकों के हौसला बुलंद हैं।
भिनगा नगर में चलने वाले ज्यादातर ई रिक्शा चालकों के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही उनके वाहनों का रजिस्ट्रेशन ही। इन चालकों की ओर से नगर में दस किलोमीटर परिधि क्षेत्र तक लोगों को लाया ले जाया जा रहा है।
इनकी ओर से ज्यादा पैसा कमाने के लालच में निर्धारित क्षमता से पांच गुना अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं। इतना ही सवारियां यदि वाहन में न समाएं तो उन्हें बाहर लटका कर सफर कराया जा रहा है।
सोमवार को भिनगा नगर में जा रहे एक ई रिक्शा में 20 बच्चे सवार नजर आए। जगह न होने के कारण चालक ने कुछ बच्चों को अपने आसपास व गोद में तक बिठा रखा था। वहीं नगर में चेकिंग करने वाले पुलिस कर्मियों को यह ई रिक्शा कहीं भी नजर नहीं आया।
ऐसा नजरा बौद्ध परिपथ, भिनगा सेमरी, गिलौला, लक्ष्मननगर, बरदेहरा बदला, भिनगा परसा, भिनगा लक्ष्मनपुर, रिसिया, तेंदुआ रतनपुर, लक्ष्मनपुर बेचईपुरवा, सिरसिया चिल्हरिया, राजपुर मोड़ सहित अन्य मार्गों पर कभी भी देखा जा सकता है।
जहां टेंपो व डग्गामार वाहन चालक क्षमता से पांच गुना अधिक सवारी बैठा कर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं है। पुलिस सब कुछ जानकर भी चुप्पी साधे हुए है।
जिला पुलिस की ओर से नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस औसतन प्रतिदिन दस से पंद्रह वाहनों का चालान कर रही है। अधिकांश चालान बिना हेलमेट व बिना कागज वाले वाहनों के ही होते है। ओवर लोड वाहन पुलिस को दिखाई नहीं दे रहे।
एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि यदि किसी वाहन पर क्षमता से अधिक सवारी व भार लादा जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को ओवर लोड वाहनों को रोकने के लिए निर्देश दिए गए हैं। स्वयं ही इसकी जांच करूंगा। यदि ऐसा है तो कार्रवाई होगी।