फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shravasti News: ताइवान के 40 उपासकों का दल बौद्ध तपोस्थली पहुंचा

Wed, 10 Jan 2024 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
विज्ञापन
विज्ञापन
कटरा (श्रावस्ती)। ताइवान से आए 40 उपासकों का दल मंगलवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। जहां उन्होंने गंध कुटि में बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में प्रार्थना की। उपासकों ने बौद्ध तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की।
विज्ञापन

प्रार्थना सभा के दौरान बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि बुद्ध ने कहा है कि संसार में सभी वस्तुएं दुखमय है। उन्होंने जन्म और मरण के चक्र को दुखों का मूल कारण माना। किसी भी धर्म का मकसद मानव को इस जन्म और मृत्यु के चक्र से छुटकारा दिलाना होना चाहिए। दूसरे आर्य सत्य में बुद्ध ने दुख उत्पन्न होने के अनेक कारण बताए। इन सभी कारणों का मूल तृष्णा को बताया। तीसरे आर्य सत्य के अनुसार दुख निरोध के लिए तृष्णा का उन्मूलन आवश्यक है। संसार में प्रिय लगने वाली वस्तुओं की इच्छा को त्यागना ही दुख निरोध के मार्ग की ओर ले जाता है। चौथे आर्य सत्य में बुद्ध ने दुख निरोध के मार्ग बताए हैं। बुद्ध के अनुसार अष्टांगिक मार्ग का पालन करने से मनुष्य की तृष्णा खत्म हो जाती है और मनुष्य को निर्वाण प्राप्त हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें