कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को श्रीलंका व महाराष्ट्र से आए अनुयायियों के 80 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से गंध कुटी व बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु दीपालोक ने कहा कि राजा बिम्बिसार बुद्ध के महान भक्त थे।
उन्होंने अपने भाई को बुद्ध की शिक्षाएं सुनने के लिए प्रेरित किया था। राजा के भाई बुद्ध के उपदेशों को नहीं मानते थे। एक बार उन्होंने बुद्ध और उनके भिक्षु संघ को भोज पर आमंत्रित किया। भोज के दौरान भगवान बुद्ध के उपदेश से बिम्बिसार के भाई का मन बदल गया और उसने भी बौद्ध धर्म अपना लिया। दीपालोक ने बताया कि बुद्ध की शिक्षाएं मन को भ्रमित होने से बचा सकती हैं। उन्होंने सही मार्ग पर चलने और धर्म का पालन करने पर जोर दिया।