कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को अनुयायियों से गुलजार रही। बर्मा से आए अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में गंध कुटि पर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद दल के सदस्यों ने तपोस्थली का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी भी ली। गंधकुटि पर पूजन के दौरान बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि बुद्ध ने चेतना के जिस शिखर को छुआ है वैसा किसी और ने नहीं छुआ। बुद्ध ने अपना पूरा जीवन सत्य की खोज और निर्वाण को पा लेने में ही लगाया।
उन्होंने मानव मनोविज्ञान और दुख के हर पहलू पर कहा और उसके समाधान भी बताए। यह रिकॉर्ड है कि बुद्ध ने जितना कहा और जितना समझाया उतना किसी और ने नहीं। धरती पर अभी तक ऐसा कोई नहीं हुआ जो बुद्ध के बराबर कहा गया हो। बुद्ध का रास्ता दुख से निजात पाकर निर्वाण अर्थात शाश्वत आनंद में स्थिर हो जाने का रास्ता है। बुद्ध का जन्म किसी राष्ट्र, धर्म या प्रांत की क्रांति नहीं है। बल्कि बुद्ध के जन्म से व्यवस्थित धर्म के मार्ग पर पहली बार कोई वैश्विक क्रांति हुई है।