वर्षावास की विशेष पूजा करते अनुयायी। -संवाद
कटरा। बोधि सोसाइटी श्रीलंका के तत्वावधान में रविवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पर चीवर दान व संघ दान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भारत के साथ-साथ श्रीलंका, कोरिया, बर्मा, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड और बांग्लादेश के 200 से अधिक अनुयायियों ने प्रतिभाग किया। सभी ने पारंपरिक ढंग से बौद्ध भिक्षुओं को चीवर दान किया। बौद्ध भिक्षुओं ने शांति और सभी की समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
आनंद बोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका के बौद्ध भिक्षु श्रद्धालोक महाथेरो ने बताया कि हम सभी बौद्ध धर्म के अनुयायी मिलकर कठिन चीवर दान कर रहे हैं, जो बौद्ध भिक्षुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया है। हम किसी युद्ध नहीं, बल्कि शांति में विश्वास करते हैं। हमें खून-खराबा या लड़ाई नहीं चाहिए।
भंते संघ रतन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विश्व शांति के लिए विशेष रूप से प्रार्थना की गई है। हम अपने धर्म के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि राजनीतिक अस्थिरता या धार्मिक संघर्ष से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम सिर्फ शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस दौरान भिक्षु आनंद सागर, दीपालोक महाथेरो, धम्म सार भंते, भंते दे इन, भिक्षु यू ओवाथा, विमल तिस्स, देवेंद्र थेरो, माता सुमेधा थेरो व माता विद्यावती आदि मौजूद रहीं।