गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
- फोटो : गंध कुटी में प्रार्थना करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 30 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंध कुटी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु ने कहा कि बुद्ध के उपदेश आज भी जीवन को सरल, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने में उपयोगी हैं। उन्होंने सत्य बोलने और अपने शब्दों का ध्यान रखने पर विशेष जोर दिया। बुद्ध ने नियमित ध्यान और मानसिक शांति के महत्व को बताया, जिससे विचारों को नियंत्रित कर तनाव कम किया जा सकता है। उन्होंने दूसरों के प्रति करुणा और सहानुभूति अपनाने की सलाह दी। जीवन में सुख-दुख दोनों को समान रूप से स्वीकारने और संतुलित जीवन जीने की शिक्षा दी। बुद्ध ने कहा था कि संतुष्टि और संयम बनाए रखने से मानसिक शांति मिलती है।