तपोस्थली श्रावस्ती में दर्शन-पूजन करते वियतनाम के अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को वियतनाम से आए अनुयायियों 35 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंधकुटी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया। सभा संबोधित करते हुए भिक्षु ने कहा कि जहां एक ओर भगवान बुद्ध के उपदेशों के महत्व हैं तो वहीं उनकी प्रतिमा का भी विशेष महत्व है। भगवान बुद्ध की प्रतिमा घर में रखने से आंतरिक शांति, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, सही जगह पर बुद्ध की प्रतिमा रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में खुशहाली बनी रहती है। बुद्ध शांति, संतुलन और आंतरिक शक्ति के प्रतीक हैं। उनकी उपस्थिति घर में एक शांत ऊर्जा क्षेत्र बनाती है, जिससे मन को सुकून मिलता है। बुद्ध की मूर्ति रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, इससे सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बढ़ती है।