बोधि वृक्ष की पूजा करते थाईलैंड के अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 60 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक ढंग से बोधि वृक्ष का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा के दौरान भिक्षु देवानंद ने कहा कि बुद्ध की शक्ति आध्यात्मिक ज्ञान, गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन से उत्पन्न होती है, जिनमें मानसिक क्षमताएं, लोगों को सही मार्ग दिखाने की क्षमता और सांसारिक मोह से मुक्ति शामिल है।
बौद्ध धर्म में ये शक्तियां मुख्य रूप से अनुभव, ज्ञान, विवेक, प्रज्ञा और करुणा के रूप में प्रकट होती हैं, जो उन्हें लोगों को मुक्ति की ओर ले जाने में सक्षम बनाती हैं। बुद्ध ने अपने ज्ञान और विवेक का उपयोग अज्ञानता को दूर करने और लोगों को सचाई का मार्ग दिखाने के लिए किया।
गहन ध्यान और आत्म-अनुशासन के माध्यम से बुद्ध ने उन अनुभवों को प्राप्त किया, जो सामान्य मनुष्यों के लिए संभव नहीं थे। पूजन-अर्चन के बाद अनुयायियों ने जेतवन परिसर का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली।