ावस्ती। दुनिया को शांति का संदेश देने वाली बुद्ध की धरती श्रावस्ती ने देश के सबसे ऐतिहासिक मुद्दे पर आने वाले फैसले के दिन भी अमन चैन का पैगाम दिया। अयोध्या मुद्दे पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने पर लोगों ने इसे एतिहासिक बताते हुए निर्णय का स्वागत किया। इसके साथ ही जिले में हिंदूू-मुस्लिम एकता की नींव मजबूत होती दिखी।
लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। इस दौरान जिले में आम जनजीवन पूरी तरह सामान्य रहा। वहीं प्रशासन शांति व सौहार्द बनाए रखने के लिए सजग रहा। भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी की कड़ी चौकसी रही। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी लगातार भ्रमण पर रहे। जोनल मजिस्ट्रेट प्रत्येक गांव की खबर स्थानीय पुलिस कर्मियों से लेते दिखे।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पुत्र लव की राजधानी रही श्रावस्ती में हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कोर्ट के फैसले का खुले मन से स्वागत किया। हर कोई अपने अपने तरीके से सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का स्वागत कर रहा है।
दोनों समुदायों के धर्मगुरु दिन भर लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील करते नजर आए। वहीं प्रशासन भी पेट्रोलिंग कर लोगों को सुरक्षा का अहसास दिला रहा है। वहीं कोर्ट का फैसला जानने के लिए लोग सुबह से ही टीवी पर नजरें जमाए दिखे। कोर्ट का फैसला आते ही लोगों ने खुशी जताई।
फैसले को लेकर सतर्क रहा प्रशासन
योध्या मामले पर आए फैसले को लेकर प्रशासन शनिवार की सुबह से ही सतर्क दिखा। भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी ने कड़ी निगरानी रखी। हर आने जाने वालों की सघन तलाशी, पूछताछ के साथ ही उनके पहचान पत्रों की जांच की जा रही थी। यह सिलसिला शुक्रवार देर शाम से ही शुरू हो गया था। वहीं पुलिस ने शुक्रवार रात व शनिवार सुबह जमुनहा व इकौना में रूट मार्च करके सभी को शांति बनाए रखने का संदेश दिया। जिला प्रशासन भी कोर्ट के फैसले को लेकर पूरी तरह से चौकन्ना रहा। शुक्रवार की रात से ही डीएम यशु रुस्तगी व एसपी अनूप सिंह भ्रमण पर रहे। इस दौरान वह सभी जोन व सेक्टर प्रभारियों की मुस्तैदी को देखते रहे। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने जमुनहा, इकौना व सीमा क्षेत्र बघौड़ा में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।।
11 नवंबर तक सभी स्कूल बंद
फैसले के मद्देनजर शुक्रवार रात को ही 9 से 11 नवंबर तक सभी शैक्षिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। देर से हुई घोषणा के कारण कुछ अभिभावकों को इसकी सूचना नहीं मिल पाई। इसके चलते उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजा, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अवकाश की जानकारी देकर बच्चों को घर भेज दिया।
सभी थाना क्षेत्रों में बनाई अस्थाई जेल
फैसले के दौरान यदि कोई उपद्रव करता है तो उसे निरुद्ध करने के लिए जिले में छह अस्थाई जेल डीएम के निर्देश पर बनाए गए हैं। यह अस्थाई जेल सभी थाना क्षेत्रों में हैं। जहां की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर व सीओ को सौंपी गई है। फिलहाल जिले में शांति व्यवस्था होने के कारण इस जेल की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
छह जोन व 27 सेक्टरों में बटा रहा जिला
जिले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने व लोगों पर निगाह रखने के लिए पूरे जिले को छह जोन व 27 सेक्टर में बांटा गया था। सभी जोन का प्रभारी जिला स्तरीय अधिकारी को बनाया गया था। इसके अतिरिक्त सभी सेक्टरों में एक एक सब इंस्पेक्टर में तैनात रहा। इन पर ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी भी रही। स्थानीय पुलिस के साथ ही जिले में पीएसी भी तैनाती रही। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक पुलिस अधिकारी के साथ एक अन्य प्रशासनिक अधिकारी को दी गई थी। जोन प्रभारी शुक्रवार से ही भ्रमणशील रहे। इस जोन के अतिरिक्त प्रत्येक गांव पर निगरानी रखने के लिए पुलिस उप निरीक्षकों के साथ साथ बीट के सिपाहियों को लगाया गया था। प्रत्येक उपनिरीक्षक को अलग अलग ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उधर एएसपी बीसी दुबे ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में भारत नेपाल सीमा पर दस बैरियर लगाए गए थे। इन पर सुरक्षा कर्मियों की चौबीस घंटे ड्यूटी लगाई गई है। ग्यारह बैरियर अंतर जनपदीय सीमा पर बनाए गए हैं। पूरे जिले को तीन सुपर जोन, छह जोन व 27 सेक्टर में बांटा गया है। इसके साथ ही जिले में तीन सीओ, बीस इंस्पेक्टर, 110 उप निरीक्षक, 700 सिपाही, 500 होमगार्ड, एक कंपनी व दो प्लाटून पीएसी बल की तैनाती है। एडीएम व उन्होंने वीरपुर, श्रावस्ती व इकौना क्षेत्र में भ्रमणशील था। बाकी क्षेत्रों में अन्य अधिकारी तैनात रहे। जिले के लोगों ने सौहार्द व प्रेम का परिचय दिया है।
कमिश्नर व डीआईजी ने किया भ्रमण, सोशल मीडिया पर रही विशेष नजर
जिले में शांति व्यवस्था का जायजा लेने के लिए कमिश्नर व डीआईजी एक साथ इकौना पहुंचे। वहां से सीताद्वार सहित आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण किया। सीताद्वार में लगने वाले मेले की सुरक्षा की समीक्षा की। उधर फैसले के बाद पुलिस के आईटी सेल व साइबर क्राइम सेल की निगाह सोशल मीडिया पर रही। हर प्रमुख व्यक्ति के सोशल साइट को पुलिस दिन भर खंगालती रही। यही नहीं विभिन्न ग्रुप में भी पुलिस किन्हीं न किन्ही रूप में सक्रिय रही। मीडिया सेल में भी सोशल मीडिया के माध्यम से समाचार प्रेषित करने वाले लोगों पर भी निगाह रखी गई, ताकि कोई तथ्य विहीन व भड़काऊ समाचारों का प्रेषण न कर सके।
इन मार्गों पर रही चौकसी
जिले में वैसे तो नेपाल की ओर से आने के लिए कई मार्ग है, लेकिन दस मार्ग बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसमें सिरसिया के पैकोरी, तकिया, सुहेलवा, गब्बापुर, मोतीपुर, रनियापुर, भचकाही, तालबघौड़ा, ककरदरी, भरथा रोशनपुरवा, घोड़दौरिया एवं परसोहन प्रमुख मार्ग हैं। इन पर पुलिस के साथ एसएसबी के जवान व मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। वहीं सीमाक्षेत्र में 24 बैरियर भी लगाए गए है।
जनजीवन रहा सामान्य
फैसले को लेकर आम लोगों के बीच दिनभर उत्सुकता रही। हर कोई इस फैसले का साक्षी किसी न किसी रूप में बनना चाहता था। इसीलिए अधिकांश लोग घरों में टीवी पर या फिर अपनी मोबाइल पर फैसले का अपडेट देखते व समझते रहे। फैसले के समय भी लोगों का जनजीवन सामान्य रहा। भिनगा नगर में जहां 11 बजे से पहले कुछ दुकानें बंद रहीं। वहीं फैसला आने के बाद पूरा बाजार अपने रोजमर्रा ढर्रे पर आ गया।
महंत को बधाई देने पहुंचे मौलाना
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आम लोगों ने सहजता से ही स्वीकार कर लिया। इसकी बानगी भी जगह जगह पर देखने को मिली। भिनगा नगर में उदासीन आश्रम के महंत को मुसलिम समुदाय के मौलाना बधाई देने पहुंचे। वहीं महंत ने उन्हें नई मस्जिद तामिल करने के लिए मिली भूमि की बधाई दी। इस तरह के नजारे ग्रामीण व नगरीय क्षेत्रों में कई जगह देखने को मिले। जहां लोग एक दूसरे को फैसले के बाद बधाई दे रहे थे।
बोले धर्म गुरु, सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वीकार
सुप्रीम कोर्ट का फैसला सम्मानीय है। हम अपील करते हैं कि यह किसी के जय व पराजय के बजाए बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव का विषय है। इसलिए सभी लोग सौहार्द व प्रेम पूर्वक इसे स्वीकार करें। - संत सर्वेश जी महराज
अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पूर्ण रूप से स्वीकार है। हम सभी लोगों को कोर्ट के फैसले का स्वागत कर अमन के साथ रहना चाहिए।
- मुफ्ती जमालुद्दीन मिसबाही
यह फैसला देश के सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है। हम इसको तहेदिल से स्वीकार करते हैं। यह अवसर है कि हम अमन व भाई चारे की बेहतर मिसाल पेश करें। ताकि पूरी दुनिया उसका अनुकरण करे। - मौलाना गुल मोहम्मद
न्यायालय का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए। सभी लोग अमन चैन से रहकर भाई चारे की मिशाल पेश करें। लोग जिले में सौहार्द बनाए रखें। किसी भी प्रकार की टिप्पणी सोशल मीडिया या फिर व्यक्तिगत रूप से न करें। - यशु रुस्तगी डीएम