श्रावस्ती/गिरंट बजार। गैस एजेंसियों पर इन दिनों सन्नाटा देखने को मिल रहा है। एजेंसी पर सिलिंडर मौजूद होने के बाद भी उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा है। इसका कारण 45 दिन की बाध्यता व डीएसी नंबर बताया जा रहा है। बुकिंग के चार से पांच दिन बाद डीएसी नंबर आ रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों को सिलिंडर मिलने में 50 दिन तक का समय लग जा रहा है।
गैस एजेंसियों पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पूर्ति विभाग की ओर से शहरी क्षेत्र में 25 और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद बुकिंग होने का नियम है। कालाबजारी व धोखाधड़ी न हो, इसके लिए बुकिंग के बाद डीएसी नंबर आने पर ही सिलिंडर देने का नियम है, लेकिन यही नियम अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है।
पहले से ही 45 दिन की बाध्यता के कारण सिलिंडर के लिए जूझ रहे ग्रामीण अब डीएसी नंबर की देरी से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों को 45 दिन के बजाय अब 50 दिन पर सिलिंडर मिल पा रहा है। सोमवार को हरदत्त नगर गिरंट स्थित अथर्व इंडेन सर्विस के गोदाम पर सन्नाटा दिखा।
मैनेजर योगेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 20 सिलिंडरों की बुकिंग हुई है, जिनमें से 10 को उपभोक्ता ले गए हैं। एजेंसी पर अभी भी 50 सिलिंडर बुक हैं, दूसरी गाड़ी आ रही है।
लकड़ी का चूल्हा जलाना मजबूरी
शासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद सिलिंडर देने का नियम बनाया गया है, लेकिन डीएसी नंबर के चलते यह नियम 50 दिन का हो गया है। इसके चलते ज्यादातर घरों में लकड़ी का चूल्हा जलाने की नौबत आ गई है।
-हरिमगल सिंह, हडहवा
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बड़े परिवारों को नियम से दिक्कत
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद बुकिंग होने का नियम बनाया गया है, जो पांच या छह सदस्यों के परिवार के लिए मुसीबत बन गया है। बुकिंग के चार से पांच दिन बाद डीएसी नंबर मिलता है, इससे मुसीबत और बढ़ रही है।
-कमलेश सिंह, तेंदुवा
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शासन को देनी चाहिए छूट
शासन को 45 दिन बाद बुकिंग होने की बाध्यता में छूट देनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को समय पर सिलिंडर मिल सके। इस नियम को शहरी क्षेत्र की तरह ही 25 दिन किया जाना चाहिए।
-मेराजुल नबी, बभनपुरवा
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पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं सिलिंडर
गैस एजेंसियों पर सिलिंडर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। होम डिलिवरी भी की जा रही है। बुकिंग करवाना जरूरी है। बुकिंग करवाने वाले उपभोक्ताओं को डीएसी नंबर आने पर सिलिंडर दिया जा रहा है। बुकिंग संबंधी नियम शासन का है।
-दीपक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी