श्रावस्ती। जिले में भी बीट प्रणाली लागू की जाएगी। इसको सबसे पहले भिनगा कोतवाली में लागू किया जा रहा है। इसका गुरुवार को एसपी कार्यालय में एसपी व एएसपी ने हरी झंडी दिखा कर शुभारंभ किया।
पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाए रखने, अपराधियों की निगरानी कराने, महिला अपराधों को रोकने तथा अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए नई बीट प्रणाली लागू की गई है। इस प्रोजेक्ट को फिलहाल पहले चरण में भिनगा कोतवाली में लागू किया जा रहा है। बाद में इसे अन्य थानों में भी लागू किया जाएगा। पहले चरण में पुलिस उप महानिरीक्षक देवी पाटन मंडल गोंडा डॉ. राकेश सिंह ने कोतवाली भिनगा में बीट प्रणाली लागू करने की अनुमति दी है।
अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने कहा कि भिनगा में नवीन बीट व्यवस्था का संपूर्ण संसाधनों के साथ शुभारंभ किया गया है। यह नवीन प्रणाली लागू हो जाने से क्षेत्रीय जनता से समन्वय तथा अपराधों की रोकथाम में आसानी हो सकेगी। इसके तहत क्षेत्र में सात हल्का व बीस बीट बनाई गई हैं। इसमें उप निरीक्षक से लेकर आरक्षी तक नियुक्त किये गये हैं। नैतिक कार्यों को सुचारु रूप से संपादित करने के लिए 20 मोटर साइकिल, बीस छोटे शस्त्र, 20 हैंड शेट, 20 सीयूजी नंबर, 20 बीट बुक, 20 बैग आदि संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
सभी कर्मियों को इस व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर डॉ. जंगबहादुर यादव, प्रतिसार निरीक्षक विनोद कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक भिनगा दद्दन सिंह, पेशकार (पुलिस अधीक्षक) अजय कुमार, प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
यह है बीट प्रणाली
एक बीट में पुलिस आफीसर जो आरक्षी रैंक का होगा उसकी तैनाती होगी। वह अपने निर्धारित क्षेत्र की निगानी करेगा। इस पर करीब 1700 से अधिक लोगों के नियंत्रण का दायित्व होगा। सभी पुलिस बीट अधिकारी हल्का प्रभारी जो उप निरीक्षक रैंक का होगा उसके अधीन काम करते हुए उन्हें अपनी रिपोर्ट देंगे। भिनगा क्षेत्र की पूरी जिम्मेदारी पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर डॉ. जंग बहादुर यादव के नियंत्रण में होगी।
करीब तीन लाख की आबादी को मिलेगी सुरक्षा
भिनगा कोतवाली क्षेत्र में सात हल्के व बीस बीट हैं। इनमें तैनात बीट आफीसर का एक लिंक आफीसर भी है। दोनों एक साथ अवकाश नहीं ले सकते। इन्हें मिले सीयूजी नंबर का एक ग्रुप भी होगा। इसके माध्यम से यह बीट की सभी घटनाओं की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी देंगे। साथ ही यह अपने बीट के अच्छे लोगों से संपर्क करेंगे। इनके पास एक बीट बुक होगा। उस बीट क्षेत्र का नक्शा, महत्वपूर्ण भवन, मार्ग, गली, बैंक, एटीएम व अपराधियों का ब्योरा भी इनके पास होगा।
- बीसी दुबे, अपर पुलिस अधीक्षक