इकौना में खिचवड़ी भोज करते वृद्ध व कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पहुंचे पूर्वाचंल विकास बोर्ड के ?
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श्रावस्ती। मकर संक्रांति पर गुरुवार भोर इकौना की सीताद्वार झील सहित राप्ती नदी के विभिन्न घाट व प्रमुख जलाशयों पर लोगों ने स्नान व दान किया। इसके बाद लोगों ने घरों में खिचड़ी खाई। इस दौरान इकौना में खिचड़ी भोज कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जहां आमंत्रित साधु-संतों को नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा खिचड़ी भोज कराया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार भी शामिल हुए।
सूर्य के मकर रेखा में प्रवेश करने पर मकर संक्रांति पर्व जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। इकौना की सीताद्वार झील, जमुनहा के जगपति धाम, सिरसिया के विभूतिनाथ, स्वर्णप्रस्तरी आश्रम, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गिलौला के सदाशिव महादेव, भिनगा के राजर्षि काली मंदिर, इकौना के बेचू बाबा सहित प्रमुख मंदिरों व जलाशयों के साथ ही राप्ती नदी के विभिन्न तटों पर भोर में ही लोगों ने पहुंचकर स्नान किया। इसके बाद खिचड़ी दान कर पुण्य अर्जित किया गया। बाद में लोगों के घरों में खिचड़ी बनी। जिसका लोगों ने अपने मान्य रिश्तेदारों व ब्राह्मणों को भोज कराया गया। बाद में दक्षिणा देकर उन्हें विदा किया गया। इस दौरान इकौना में नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र कुमार गुप्ता द्वारा खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों साधु-संतों सहित जनसामान्य को खिचड़ी भोज कराया गया। कार्यक्रम में पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्र शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पर हरिद्वार, काशी आदि तीर्थों पर स्नान आदि का विशेष महत्व है।
इस दिन सूर्यदेव की उपासना की जाती है। मान्यता है कि सूर्य पूजा करते समय सफेद तथा लाल पुष्पों का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य की पूजा करने के साथ-साथ सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। मकर संक्रांति के दिन दान करने का महत्व अन्य दिनों की तुलना में बढ़ जाता है। इस दिन व्यक्ति को यथासंभव किसी गरीब को अन्न, तिल व गुड़ का दान करना चाहिए। तिल या फिर तिल से बने लड्डू व तिल के अन्य खाद्य पदार्थ भी दान करना शुभ रहता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान आशुतोष ने इस दिन भगवान विष्णु को आत्मज्ञान का दान दिया था। इसके अतिरिक्त देवताओं के दिनों की गणना मकर संक्रांति से ही प्रारंभ होती है। सूर्य जब दक्षिणायन में रहते हैं तो उस अवधि को देवताओं की रात्रि व उत्तरायण के छह माह को दिन कहा जाता है। महाभारत की कथा के अनुसार भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रांति का दिन ही चुना था। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपनी पत्नी रेनू गुप्ता के साथ साधु-संतों से आशीर्वाद लिया।
बस अड्डे का जल्द होगा कायाकल्प
कटरा। नगर पंचायत अध्यक्ष इकौना के आवास पर गुरुवार को मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी सह भोज कार्यक्रम में आए पूर्वांचल विकास बोर्ड के सलाहकार साकेत मिश्र ने कहा कि श्रावस्ती पर्यटन स्थली है। इसके विकास के लिए हम सरकार तक आवाज पहुंचाकर यहां व्याप्त कमियां दूर करने का प्रयास करेंगे। कस्बा इकौना में तीन दशक से खंडहर पड़े परिवहन निगम के बस अड्डे को जल्द ही सरकार से बजट दिलाकर इसका उच्चीकरण कराया जाएगा। साथ ही अधिकारियों से बात करके अतिक्रमण भी हटाया जाएगा। राजकुमार अलक्षेंद्र कांत सिंह ने भी मकर संक्रांति पर कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान गरीबों, निर्बल एवं संतों को कंबल भी वितरित किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।