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सील नर्सिंग होम में कैद चिकित्सक की पत्नी व बच्चे

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इकौना (श्रावस्ती)। तीन दिन पहले एक चिकित्सक के नर्सिंग होम को एसडीएम व सीएमओ की संयुक्त टीम ने सील कर दिया था। इस दौरान उनके चिकित्सक भाई की पत्नी व तीन बच्चे नर्सिंग होम की दूसरी मंजिल पर बने आवास में ही रह गए थे। इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई। इसके बावजूद ताला नहीं खुला।
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इकौना में आरके हॉस्पिटल डॉ. विजय मिश्रा के नाम से पंजीकृत हैं। लाइसेंस की समय सीमा समाप्त हो गई थी। नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इसी वजह से 22 सितंबर को एसडीएम, इकौना आरपी चौधरी ने सीएमओ डॉ. एसपी तिवारी के साथ मौके पर पहुंचकर बृहस्पतिवार रात 12.00 बजे नर्सिंग होम के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। ताला लगाते समय प्रशासन से एक बड़ी चूक हो गई। उन्होंने इसकी जानकारी नीचे कर्मचारियों को तो दे दी, लेकिन दूसरी मंजिल पर नहीं दी। इस वजह से दूसरी मंजिल पर रह रहे चिकित्सक के बड़े भाई डॉ. आरके मिश्रा की पत्नी नीतू मिश्रा व उनके तीन बच्चे वहीं कैद हो गए। इसकी जानकारी चिकित्सक व उसकी पत्नी नीतू मिश्रा ने फोन के जरिए एसडीएम व सीएमओ को दी, लेकिन कोई ताला खोलने नहीं आया।
तीसरे दिन जब कैद बच्चे व पत्नी की स्थिति असामान्य हुई तो उन्होंने बालकनी से आवाज लगाई। देखते ही देखते नर्सिंग होम के बाहर हंगामा शुरू हो गया। अस्पताल के संचालक डॉ. विजय मिश्रा अपने कर्मचारियों व अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि लाइसेंस का नवीनीकरण हो चुका है। इसकी जानकारी एसडीएम व सीएमओ को भी है। यहां तक कि औपचारिक रूप से उन्हें जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद नर्सिंग होम का ताला न खुलने के कारण उनके भाई की पत्नी व बच्चे बेहाल हैं। बता दें कि अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर कैद नीतू मिश्रा ने बीते विधानसभा चुनाव में मौजूदा विधायक के सामने बसपा के सिंबल पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। इस समय वह बहराइच से जिला पंचायत सदस्य भी हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को राजनीतिक चश्मे से भी देख जा रहा है।
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22 सितंबर की रात 12.00 बजे मारे गए छापे के बाद सीएमओ ने बताया था कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था। मामले की जांच कर देखा जाएगा कि कौन-कौन सी कमियां हैं। वहीं, 24 सितंबर को सीएमओ ने ही हॉस्पिटल के लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया। कार्रवाई के एक दिन बाद ही नवीनीकरण की वजह से उनकी कार्य प्रणाली पर प्रश्न उठ रहे हैं।
एसडीएम इकौना आरपी चौधरी बताते हैं कि यह कार्रवाई सीएमओ की ओर से की गई है। मजिस्ट्रेट के रूप में वह केवल मौजूद रहे। ताला भी उन्हीं को खोलना है। लाइसेंस का नवीनीकरण हो गया है तो ताला खुलना चाहिए। सीएमओ डॉ. एसपी तिवारी कहते हैं कि लाइसेंस का नवीनीकरण हो गया है तो ताला खुलवा दिया जाएगा।
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