श्रावस्ती। इंडो नेपाल सीमा से सटे सिरसिया विकास क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति थारू बाहुल्य भचकाही गांव में मंगलवार को विश्व आदिवासी दिवस पर एक दिवसीय कार्यक्रम का हुआ। जिसमें समुदाय की छात्राओं व युवतियों ने परंपरागत भेष में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अयोध्या प्रसाद राना व विशिष्ट अतिथि थारू कल्चर श्रावस्ती के अध्यक्ष राम करतार राना ने उच्च प्राथमिक विद्यालय भचकाही में बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके चित्र के समक्ष दीप जलाया। इस दौरान अयोध्या प्रसाद राना ने कहाकि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर मूल आदिवासी जनजाति संस्थान संपूर्ण भारत में अपनी ताकत दिखा रहा है। वरिष्ठ प्रवक्ता अर्जुन प्रसाद राना ने कहाकि हम लोगों को अपनी कला, जीवन शैली, वेशभूषा और सांस्कृतिक विविधताओं को समेटे रहना होगा।
हम सदियों से जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के अपना सब कुछ न्यौछावर करते रहे हैं। हम सब प्रकृति के सच्चे संवाहक व हिंदुस्तान की पहचान को बचाने वाले हैं। ईश्वर दीन चौधरी ने कहाकि हमें अपने बच्चों को विद्यालय अवश्य भेजना चाहिए। शिक्षा एक ऐसी शेरनी का दूध है जो पीयेगा वही दहाड़ेगा। आज आदिवासी थारू समाज के जनजीवन में बदलाव की बयार चली है। इससे कुछ हद तक अपनी कला संस्कृति वेशभूषा को हम भूलते हुए दिखाई दे रहे हैं। राम करतार राना ने कहाकि जब तक जुल्मी जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से चप्पा चप्पा गूंज उठेगा जय थारू के नारों से। इस दौरान मौजूद लोगों ने थारू समाज जिंदाबाद थारू एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस मौके पर प्रताप नारायण, ईश्वर दीन चौधरी, विश्व पाल राना, राम सुंदर, रामदीन, सुरेंद्र कुमार सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।