श्रावस्ती। भाजपा की ओर से दसों मंडलों में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान मुख्यालय भिनगा स्थित पार्टी कार्यालय में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मौजूद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने अटल जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन समर्पित किया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष संजय कैराती ने कहा कि अटल जी ने देश में विकास और सुशासन का एक ऐसा मानचित्र खींचा जिसको सभी दलों ने सराहा। अटल जी एकमात्र ऐसे शख्स थे जिन्हें भारतीय राजनीति में अजातशत्रु की संज्ञा प्राप्त थी। वह सबको साथ लेकर चलते थे। यही खूबी उन्हें दूसरे नेताओं से अलग करती थी। अटलजी एक प्रखर राजनीतिज्ञ, निस्वार्थ सामाजिक कार्यकर्ता, सशक्त वक्ता, कवि, साहित्यकार, पत्रकार और बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे।
भाजपा में एक उदार चेहरे के रूप में उनकी पहचान थी। 25 दिसंबर 1924 को एक शिक्षक के परिवार में उनका जन्म हुआ। पत्रकार के रूप में जीवन यात्रा शुरू हुयी और राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन का संपादन किया। वह छात्र जीवन से ही राजनीति में आए और वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। 1951 में भारतीय जन संघ में शामिल हुए। वाजपेयी जी राजनीति के क्षेत्र में चार दशकों तक सक्रिय रहे।
वह लोकसभा में नौ बार और राज्यसभा में दो बार चुने गए जो कि अपने आप में ही एक कीर्तिमान है। अटलजी 1980 में गठित भाजपा के संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बने अटलजी अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते थे। 13 अक्टूबर 1999 को उन्होंने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रमुख के रूप में भारत के प्रधानमंत्री का पद ग्रहण किया।
वह 1996 में बहुत कम समय के लिए प्रधानमंत्री बने थे। अटलजी के नेतृत्व वाली सरकार में ही 1998 में राजस्थान के पोखरण में द्वितीय परमाणु परीक्षण किया गया। अटल जी ही पहले विदेशमंत्री थे जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर भारत को गौरवान्वित किया था। देश के प्रति निस्वार्थ समर्पण व समाज की सेवा के लिए आपको पद्म विभूषण, सर्वश्रेष्ठ सांसद और 2015 में देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने अटल जी के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया। इस मौके पर काफी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।