श्रावस्ती। बाढ़ से बचाव की तैयारियों के मदद्ेनजर 16 जाट रेजीमेंट की तीन सदस्यीय टीम ने दौरा किया। टीम ने जिले की भौगोलिक स्थिति तथा बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के संबंध में जानकारी हासिल की। इसके साथ ही जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय की ओर से टीम को अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध कराई गईं।
यह जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे ने बताया कि बाढ़ की दृष्टि से जिला बेहद संवेदनशील है। पूर्व के वर्षों में एनडीआरएफ तथा पीएसी की फ्लड बटालियन बाढ़ बचाव दल का हिस्सा रही है। इस वर्ष कुछ दिन पूर्व एनडीआरएफ की टीम ने भी जिले का दौरा किया था।
जिला आपदा प्रबंधन के सहयोग से एनडीआरएफ टीम द्वारा बाढ़ संबंधी मॉकड्रिल भी किया गया था। बाढ़ से बचाव की तैयारियों की कड़ी में सेना के जवानों को भी शामिल किया गया है। बाढ़ की स्थित को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर सेना की मदद भी ली जाएगी।
इसके लिए कमांडिंग आफिसर कर्नल दीपक तिवारी के निर्देश पर गुरुवार को 16 जाट रेजीमेंट लखनऊ के तीन सदस्यीय दल ने जिले का दौरा किया। टीम में सूबेदार सरजीत सिंह, नायब सूबेदार सुखाराम व नायक विकास शामिल रहे।
जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कलेक्ट्रेट स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में उन्होंने आपदा प्रबंधन सलाहकार गफ्फार हुमायूं के साथ बैठक की। दल के सदस्यों ने बाढ़ प्रभावित ग्रामों, राहत चौकी तथा उनमें लगाई गई ड्यूटी आदि के संबंध में जानकारी ली। बाढ़ के दौरान सेना के जवानों की भूमिका, उनके काम में आने वाली समस्याओं के समाधान आदि के बारे में चर्चा की गई।
जिले के अधिकारियों के मोबाइल नंबर व बाढ़ बचाव कार्य में लगे जिम्मेदार व्यक्तियों के बारे में भी टीम के सदस्यों को जानकारी दी गई। टीम के सदस्यों ने बाढ़ बचाव कार्य के लिए लगी अन्य एजेंसियों एनडीआरएफ व पीएसी के बारे में भी जानकारी ली।
सूबेदार सरजीत सिंह ने बताया कि कमांडिंग आफिसर के निर्देशन में पड़ोसी जिलों में आवश्यकता पड़ने पर रेजीमेंट के जवान बाढ़ बचाव कार्य करेंगे। जिस स्थान पर राहत एवं बचाव कार्य करने की जानकारी मिलती है, वहां हमारे जवान सड़क अथवा संभव न होने पर हवाई मार्ग से तत्काल पहुंचेंगे तथा अपने कार्य को अंजाम देंगे। आपदा प्रबंधन सलाहकार ने बताया कि बाढ़ से पूर्व तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।