प्राथमिक विद्यालय संहारपुरवा में बच्चे द्वारा डीएम के सवालों का जवाब देने पर उसे पुरस्कार देते ?
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श्रावस्ती। बेसिक शिक्षा विभाग की बदहाली के लिए शिक्षक ही नहीं अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। एक तरफ जहां शिक्षक बिना पूर्व सूचना विद्यालय से नदारद रहते हैं। वहीं उनकी ओर से दिए जाने वाले अवकाश प्रार्थना पत्र को भी समय से अधिकारी स्वीकृत नहीं करते हैं। इसका खुलासा डीएम के निरीक्षण में हुआ। इसके लिए जिम्मेदारी तय करते हुए डीएम ने समय पर प्रार्थना पत्र स्वीकृत न करने वाले बीईओ से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिलाधिकारी ओपी आर्य ने सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय संहारपुरवा का औचक निरीक्षण किया। उपस्थित पंजिका देखने पर पता चला कि यहां प्रधानाध्यापक श्रीश शुक्ला, सहायक अध्यापिका अनुराधा यादव, स्नेहा गंगवार, शिक्षामित्र विनीता आर्या व जगदीश प्रसाद तैनात है।
इसमें से अनुराधा यादव चिकित्सीय अवकाश पर है, जबकि जगदीश प्रसाद आकस्मिक अवकाश पर मिले। शिक्षिका का चिकित्सीय अवकाश खंड शिक्षाधिकारी की ओर से स्वीकृत नहीं किया गया। इसे लापरवाही मानते हुए डीएम ने बीईओ को कारण बताओ नोटिस देने का निर्देश दिया।
विद्यालय में छात्रों की उपस्थित भी काफी कम मिली। इस दौरान कक्षा 01 में 33 के सापेक्ष 17, 02 में 33 के सापेक्ष 13, कक्षा 03 में 35 के सापेक्ष 16, कक्षा 04 में 37 के सापेक्ष 25 तथा कक्षा 05 में 37 बच्चों के सापेक्ष 28 बच्चे ही उपस्थित मिले।
शिक्षा की गुणवत्ता परखने के लिए जिलाधिकारी ने कक्षा 02 व 03 के बच्चों से हिन्दी वर्णमाला के अक्षरों को लिखवाया। इस दौरान अधिकांश बच्चे वर्णमाला नहीं लिख सके। इस पर शिक्षक व शिक्षामित्रों को फटकार लगाते हुए गुणवत्ता सुधारने का निर्देश दिया।
इस दौरान प्रधानाध्यापक ने विद्यालय के हैंडपंप खराब होने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने प्रधान को तत्काल हैंडपंप रिबोर कराने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी अवनीश राय व अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडे मौजूद रहे।